Thursday, 23rd May, 2019

चलते चलते

3 अक्टूबर को राजघाट पहुँचा नेता, गाँधीजी ने ख़ुद उठकर पूछा- "रास्ता भटक गये क्या भाई?"

03, Oct 2018 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. देश की राजधानी में आज एक अजीबो-ग़रीब घटना घट गयी, जब एक नेताजी बापूजी की समाधि राजघाट पर पहुँच गये। तीन अक्टूबर को अपनी समाधि पर किसी को आया देख बापू भी ख़ुद हक्के-बक्के रह गये।

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नेताजी से आने की वजह पूछते बापू

किसी के क़दमों की आहट सुनकर बापू यह कहते हुए समाधि से उठ खड़े हुए- “आज कौन आ गया यहाँ?” लेकिन चकाचक सफ़ेद कुर्ता-पायजामा और रीबॉक के सफ़ेद जूते देख बापू समझ गये कि ज़रूर ये कोई नेता ही है।

“कैसे रास्ता भटक गये बेटा?” -बापू ने लाठी टेकते हुए पूछा। “वो कल मेरा आईफ़ोन छूट गया था यहाँ, उसी को ढूँढने आया था। बाई द वे, आप कौन?” -नेताजी ने बापू को हैरानी से देखते हुए कहा।

यह सुनकर बापू हल्के से मुस्कुरा दिये और बोले- “यहाँ का चौकीदार हूँ बेटा!” “तो अच्छे से चौकीदारी करो, गाँधीजी हमारे लिए सबसे इम्पोर्टेन्ट हैं…समझ गये!” -कहते हुए नेताजी चले गये और बापू मुस्कुराते हुए वापस समाधि में लेट गये।

उधर, इस ख़बर को सुनकर सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े हो गये हैं। वो जाँच कर रही हैं कि कहीं वो बंदा राजघाट पर कोई बम वगैरह तो रखने नहीं आया था क्योंकि 2 अक्टूबर के बाद अगले 2 अक्टूबर तक राजघाट की तरफ़ कोई नहीं जाता।

फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि वो नेता है किस पार्टी का क्योंकि सारी ही पार्टियों ने उससे अपना पल्ला झाड़ लिया है।



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