Friday, 19th October, 2018

चलते चलते

दिल्ली का यह लड़का गाड़ी ठुकने पर भी नही देता है गाली, परेशान घरवाले उसे ले गए मेंटल हॉस्पिटल

10, Jun 2018 By Fake Bank Officer

नयी दिल्ली. दिल्ली जैसे शहर में जहाँ दो गाड़ियाँ एक दूसरे को छू भी लें तो गाड़ी मालिक एक दूसरे की माँ-बहन एक कर देते हैं। ऐसे शहर में अगर कोई युवक अपनी गाड़ी ठुकने पर भी मुँह से गाली ना निकाले तो उसकी मानसिक स्थिति पर संदेह उठना स्वाभाविक ही है। दिल्ली के करोल बाग में रहने वाला मोंटू शर्मा भी इसी केटेगरी का लड़का है। उसके इस असामान्य व्यवहार से उनके घरवाले और मित्र भी काफी चिंचित रहते हैं।

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मोंटू को ऐसा करते हुए देखना चाहते हैं उसके मम्मी-पापा

फ़ेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए उनके पिताजी ने बताया कि “मोंटू की गाड़ी कई बार दूसरों की गाड़ी से गले मिल चुकी है, पर हमेशा वो बिना लड़े ‘सॉरी वगैरह’ बोल कर चला आता है! जब लोग मुझसे शिकायत करते हैं कि तेरा बेटा सड़क पर नहीं लड़ता, तो मेरी नज़रें शर्म से झुक जाती हैं!”

“पहले हमें लगा कि शायद गलती हमारे बेटे की रहती होगी इसलिए वो सबसे माफी मांग लेता है, पर एक दिन तो हमारे सामने ही रांग साइड से आ रही एक बाइक ने हमारी गाड़ी ठोंक दी! फिर भी इस घोंचू का खून नहीं खौला! मुँह से एक गंदी गाली तक नही निकली!” -कहते हुए मोंटू के पिता मायूस हो गए।

वहीँ, मोंटू के एक दोस्त भवानी ने कहा कि “लुक! दिल्ली ट्रैफिक का नियम है, गलती किसी की भी हो, रोड पर जीत उसी की होती है जो जल्दी और भद्दी गालियां दे सके! इसीलिए मैंने अंकल से कहा कि उसे किसी अच्छे डॉक्टर के पास ले जाए! तभी वो इस शहर में टिक पाएगा!”

सबकी सलाह मानकर घरवाले मोंटू को शहर के प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉक्टर मशहूर गुलाटी के पास ले गए। डॉक्टर ने मरीज की नब्ज देखते ही बता दिया कि इसकी दिमागी हालत ठीक नही है। फिलहाल इलाज के तौर पर डॉक्टर साब ने उनको रोज एमटीवी रोडीज़ और रिपब्लिक टीवी देखने का सुझाव दिया है, जिससे उसके अंदर के ‘आक्रोश’ को बाहर निकाला जा सके।

अगर इससे भी लाभ नहीं हुआ तो अगले चरण में उनको बिप्लब देब के भाषण सुनाने का भी प्लान तैयार है। उधर, मोंटू के घरवाले प्रार्थना कर रहे हैं कि वो जल्दी ठीक हो जाये और इलाज के दूसरे चरण की जरूरत ना पड़े।



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