Saturday, 20th April, 2019

चलते चलते

इधर अमित शाह कर रहे थे नॉमिनेशन, उधर आडवाणी करा रहे थे टोटका

31, Mar 2019 By बगुला भगत

गांधीनगर. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कल गांधीनगर लोकसभा सीट से अपना नामांकन पत्र भरा। इस दौरान बीजेपी के तमाम बड़े नेता वहाँ मौजूद थे लेकिन गांधीनगर के मौजूदा सांसद और ‘दर्शक मंडल’ के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी कहीं दिखाई नहीं दिये।

Tantrik-Advani
आडवाणीजी के घर के अंदर का दृश्य

शाहजी ने उन्हें बुलाने के लिए जब लड़का उनके घर भेजा तो बार-बार बेल बजाने के बावजूद भी किसी ने दरवाज़ा नहीं खोला। हारकर वो घर के पीछे पहुँचा तो देखा कि खिड़की से धुआँ निकल रहा है और अजीब से मंत्रोच्चार की आवाज़ आ रही है।

उसने अंदर झाँकर देखा तो उसके पैरों तले से ज़मीन ही खिसक गयी। अंदर आडवाणीजी एक तांत्रिक के साथ बैठे हुए थे और नीचे ज़मीन पर दो कटे हुए नींबू, हरी मिर्च, सिंदूर, चावल और एक आटे का पुतला था, जिसमें सुईयाँ चुभोई हुई थीं।

तांत्रिक के साथ-साथ आडवाणीजी बुदबुदा रहे थे- “ऊँ पराजयः भवः, मोटाभाई हाराय नमः, ज़मानत ज़ब्ताय नमः!”

यह देखकर लड़का उल्टे पैर भाग खड़ा हुआ और जाकर शाहजी को सारा हाल कह सुनाया। शाहजी ने अपने जासूसों से तो पता लगाया तो मालूम हुआ कि आडवाणीजी को दो दिन पहले कहीं से एक पर्चा मिल गया था।

पर्चे में लिखा था- ‘चुनाव में टिकट ना मिलना’, ‘मिलते-मिलते टिकट कट जाना’, ‘मनचाही सीट ना मिलना’, ‘पार्टी में पूछ ना होना’, ‘ज़बरदस्ती मार्गदर्शक बना देना’, ‘विरोधी नेता से छुटकारा’, ‘पार्टी अध्यक्ष का वशीकरण’। सारी समस्याओं का 100% समाधान। एक बार मिलें बाबा भूरेशाह बंगाली से!

पर्चा पढ़ते ही आडवाणीजी ने बाबा भूरे शाह बंगाली को फ़ोन मिलाया और उन्हें अपने घर बुला लिया और परसों रात से ही पिछले वाले कमरे में उसके साथ साधना कर रहे थे।

इस बीच, पता चला है कि नामांकन करने के बाद जब शाहजी रोड शो करते निकले तो चलते ही उनकी गाड़ी का टायर पंचर हो गया। हालांकि ये पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि वो पंचर आडवाणीजी के जादू-टोने से हुआ या बस ऐसे ही हो गया लेकिन लोग पंचर को उसी टोटके से जोड़कर देख रहे हैं।



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