Saturday, 17th November, 2018

चलते चलते

राहुल गाँधी से मिलने के बाद तांत्रिक के ख़ुद के ग्रह हो गए ख़राब

28, Jul 2018 By Guest Patrakar

नयी दिल्ली. वैसे तो संसद हंगामों के लिए ही जानी जाती है मगर पिछले हफ़्ते कुछ ऐसा हुआ, जिसे इस दशक का सबसे बड़ा हंगामा कहा जा सकता है। नो कॉन्फ़िडेन्स मोशन के समय सदन में राहुल गाँधी ने अचानक अपने विरोधी और प्रधानमंत्री मोदी को गले लगा डाला। इसके बाद संसद से लेकर टीवी तक हर जगह राहुल के ‘हग’ की ही चर्चा होने लगी।

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अपना मुकद्दर चेक कराते राहुल गांधी

लेकिन राहुल के क़रीबियों की मानें तो यह रणनीति भी राहुल की ख़ुद की नहीं, किसी और की थी। और वो कोई और नहीं बल्कि कलकत्ता के मशहूर तांत्रिक बाबा बेंजामिन थे, जिन्होंने राहुल को मोदी जी को गले लगाने की सलाह दी थी। मगर सूत्रों की मानें तो राहुल को सलाह देने के बाद बाबा के ख़ुद के ही नक्षत्र आड़े-टेढ़े हो गए हैं।

हमने इस बारे में अधिक जानकारी के लिए बाबा के चेले परवेश उर्फ़ बाबा परशुनाथ से बात की। परवेश ने हमें बताया, “राहुल ने बाबाजी से कहा था कि सब कुछ ट्राई करने के बावजूद भी वो मोदी को हरा नहीं पा रहे हैं। तो बाबा ने उन्हें बताया कि वो नफ़रत या ग़ुस्से से नहीं बल्कि प्यार और मोहब्बत से हारेगा। लेकिन राहुल से मिलने के बाद बाबा की ख़ुद की ग्रह दशा कुछ ठीक नहीं चल रही है। उस दिन के बाद से बाबा की तबियत ख़राब है और उनकी बवासीर भी लौट आयी है। परसों हम बाबा को अस्पताल ले जा रहे थे तो उनका एक्सिडेंट भी हो गया। दरअसल यह सब राहुल जी की कुंडली का कमाल है, वो जिससे भी एक बार मिल लेते हैं, उसकी लंका लग जाती है। मेरे हिसाब से उन्हें पहले अपने ग्रह शांत कराने चाहिए।”

हालाँकि ये सब अंधविश्वास की बातें हैं मगर हाल ही में हुई कई घटनाएँ परवेश की बात की पुष्टि करती हैं। राहुल ने 2014 में जमकर रैलियाँ कीं तो काँग्रेस की लुटिया डूब गयी, अखिलेश से मिले तो वो UP हार गए, तरुण गोगोई से मिले तो वो नॉर्थ ईस्ट, अहमद पटेल से मिले तो वो गुजरात। और यही नहीं हिलरी क्लिंटन जैसी महान हस्ती को हराने वाली कम्पनी केम्ब्रिज ऐनलिटिका ने जब राहुल से हाथ मिलाया तो वो कम्पनी ही बंद हो गयी। और कमाल देखिए! अमरिंदर सिंह ने पंजाब चुनाव के समय ख़ुद को राहुल से दूर रखा, तो वो जीत गये।

उधर, काँग्रेस इसे बीजेपी की चाल बताते हुए कह रही है कि उसने ही उस तांत्रिक को पैसे देकर ऐसा कहने को बोला होगा। ख़ैर सच्चाई जो भी हो लेकिन राहुल का यूँ सरेआम, बीच बहस के दौरान प्रधानमंत्री को हग कर लेना कई सवाल खड़े करता है। लेकिन संसद में इससे पहले जिस तरह कुर्सियाँ, नोट और लोग उछाले गए, उस सबके सामने तो यह घटना मामूली ही लगती है।



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