चलते चलते

सपा नेता ने टोल प्लाजा के कर्मचारी को कूटने के लिए मांगी लॉकडाउन से छूट, कहा- "हमारी दिनचर्या का हिस्सा है!"

07, Apr 2020 By Ritesh Sinha

एजेंसी. लखनऊ के एक समाजवादी नेता ने उच्च न्यायलय में याचिका दायर करके कोर्ट से मांग की है कि उन्हें लॉकडाउन से एक दिन की छूट प्रदान की जाए। नेताजी का कहना है कि यदि उसे लॉकडाउन से छूट मिल गई तो वो सीधे अपनी स्कॉर्पियो में बैठकर टोल प्लाजा जाएंगे और वहाँ बैठे कर्मचारी को जबरदस्ती कूटकर अपनी तलब पूरी करेंगे।

neta-toll
नेताजी के पुराने कारनामे!

आश्चर्य की बात ये है कि माननीय अदालत ने उनकी इस याचिका को मेरिट के आधार पर सुनने की आज्ञा भी प्रदान कर दी है।

नेताजी की ओर से दलील देते हुए उनके वकील चतुर चौरसिया ने जज साब से कहा कि, “मी लार्ड! कोरोना महामारी के चलते देश भर में लॉकडाउन कर दिया गया है, किसी को भी घर से बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा, खैर इससे हमें कोई दिक्कत नहीं है पर मेरे क्लाइंट की मजबूरी को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता!

मलखान सिंह जी (नेताजी का नाम) एक बाहुबली नेता हैं, पहले महीने में लगभग चार बार ‘टोल प्लाजा’ वाले को कूट दिया करते थे, यूँ समझ लीजिये कि आदत सी बन गई है!

पर जज साब, जब से लॉकडाउन हुआ है, उन्हें बड़ी परेशानी हो रही है, ना वो स्कॉर्पियो की सवारी कर पा रहे हैं और ना ही किसी टोल प्लाजा वाले को तबियत से थूर पा रहे हैं! ये अन्याय नहीं तो और क्या है?

अब तो इनका घर में जी भी नहीं लगता, दिन भर चिल्लाते रहते हैं- ‘टोल प्लाजा वाले को लाओ! प्लाजा वाले को लाओ! मैं मारूंगा!’ हमें इनकी ये हालत देखी नहीं जाती, खाना भी कम हो गया है, इसलिए मैं कोर्ट से मांग करता हूँ कि मेरे क्लाइंट को कर्फ्यू से एक दिन की छूट दी जाए ताकि वो नजदीक के किसी टोल प्लाजा कर्मचारी की सुताई कर सकें!” -चतुर ने अपनी बात पूरी की।

नेताजी के वकील की बातें सुनकर जज साब ने उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया कि- “मलखान सिंह की मांगें जायज हैं, अगर टोल प्लाजा के कर्मचारी को पीटे बिना उनका खाना नहीं पचता तो उन्हें घर में कैद करके रखना गुनाह होगा! अतः उन्हें हफ्ते में एक बार लॉकडाउन तोड़कर जाने की छूट दी जाती है!”



ऐसी अन्य ख़बरें