Friday, 22nd November, 2019

चलते चलते

सेना जीती, मान गई बीजेपी! अब 5-5 साल के लिए बनेंगे दोनों के सीएम

30, Oct 2019 By कोलंबस

एजेंसी. मुंबई से एक बड़ी ख़बर आ रही है! मुख्यमंत्री फडणवीस भारी मान-मुनव्वल के बाद आख़िरकार मान गए हैं और शिवसेना की सालों की मुराद अब पूरी होने जा रही है। ठाकरे परिवार का चश्मो-चिराग़ आदित्य अब महाराष्ट्र का सीएम बनने जा रहा है। इस ख़बर के आते ही शिवसैनिकों ने दोबारा दिवाली मनाना शुरु कर दिया है। वहीं, संजय राउत ने ऐलान किया है कि इस ख़ुशी में ‘सामना’ सोमवार से दिन में दो बार निकलेगा। सुबह उसमें जनता की ख़बरें होंगी और दोपहर को उसमें आदित्य से जुड़ी कवरेज होगी।

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आदित्य ठाकरे को लड्डू खिलाते फडणवीस

इस बीच, जो बात सबसे ज़्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है कि आखिर बीजेपी-शिवसेना में बात बनी कैसे! सूत्रों से पता चला है कि उद्धव और फडणवीस के बीच एक गुप्त मीटिंग हुई थी। मीटिंग की शुरुआत में ही काफी तनातनी हो गयी थी, जब उद्धव ने ताना मार दिया कि “आपने कह कैसे दिया कि 5 साल बीजेपी का सीएम रहेगा?” फडणवीस ने भी ग़ुस्से में जवाब दे दिया, “आप भी तो फालतू में रट लगाये कहे जा रहे हैं कि ढाई साल हमारा आदित्य सीएम रहेगा। भला ये भी कोई बात हुई! सीटें हमारी ज़्यादा और सीएम आपका?”

उद्धव ने फिर पलटवार किया, “ये मराठी आस्मिता का सवाल है, ये ठाकरे स्वाभिमान की बात है, सीएम पद तो तुम्हें देना ही पड़ेगा!” इस पर फडणवीस भी भड़कते हुए बोले, “आप रोज़-रोज़ हमें सामना की ‘तोप’ चलाकर घायल करते रहते हो और अब पूरा राजपाट माँग रहे हो! ऐसा नहीं चलेगा!” उद्धव ने देखा कि ऐसे बात नहीं बन रही है तो उन्होंने मराठा कार्ड चल दिया, “देखो ऐसा है फडणवीस! दो मराठी लोग आपस में उलझें ये अच्छी बात नहीं! मैं तुमसे वादा करता हूँ कि ‘सामना’ अब रोज़-रोज़ ना तुम्हें उँगली करेगा और ना ही बीजपी को! हमारे शिवसैनिक अगले पाँच साल तक मौन व्रत पर रहेंगे!”

उद्धव का तीर निशाने पर लग गया। फडणवीस भावुक हो गए। बोले- “पक्का ना! कहीं पलट तो नहीं जाओगे?” उद्धव अपना टेंटुआ छूते हुए बोले- “पक्का, आई शपथ!” तो फडणवीस ने मुस्कुराते हुए कहा- “तो फिर ठीक है! इस बार ढाई साल नहीं, आदित्य पूरे पाँच साल सीएम रहेगा, वादा रहा लेकिन आपको भी लिखकर देना होगा कि अगली बार पाँच साल मैं ही सीएम रहूँगा चाहे जो हो!” उद्धव ने कहा- “डन!”

इधर डील ‘डन’ हुई और उधर शिवसैनिक, आदित्य के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए नये कपड़े सिलवाने निकल पड़े, जिसकी वजह से टेलर और रेडीमेडे कपड़ों की दुकानों पर भीड़ बढ़ती जा रही है। दूसरी दिवाली का नारा देकर उनसे डिस्काउंट मांगा जा रहा है जो उनके लिए दिवाले में बदलता जा रहा है। दूसरी ओर कांग्रेस-एनसीपी, जो एक बार फिर खेल बिगाड़ने की फ़िराक़ में थे, वे हाथ मसलते नज़र आ रहे हैं। शरद पवार किंग मेकर बनते-बनते रह गए, जिसका एनसीपी को भारी अफ़सोस दिख रहा है। एनसीपी नेता माजिद मेमन कह रहे हैं कि “ये ठीक नहीं है! शिवसेना हर बार हमारे कंधे पर बंदूक रखकर शिकार कर ले जाती है। ऐसे तो हम नहीं राजनीति-राजनीति खेलने वाले!”



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