Thursday, 18th July, 2019

चलते चलते

"ये लहर अब सुनामी बन चुकी है!" -वाला डायलॉग बोलना भूले अमित शाह, फिर से दिया एक घंटे का इंटरव्यू

25, Apr 2019 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा एक निरीह पत्रकार को दिन-दहाड़े अगवा करने का मामला सामने आया है। घटना के समय पत्रकार महोदय आराम से गाना गुनगुनाते हुए चाय की चुस्कियाँ ले रहे थे। तभी एक सफ़ेद वैन उनके पास आकर रुकी, वैन में से तीन-चार हट्टे-कट्टे युवक उतरे और पत्रकार महोदय को उठाकर ले गए।

Amit Shah 4
सही इंटरव्यू देने के बाद शाह जी!

बाद में पता चला कि यह काम अमित शाह के गुर्गों कार्यकर्ताओं ने किया है। दरअसल, कुछ देर पहले ही अमित शाह ने पीड़ित पत्रकार को एक इंटरव्यू दिया था, जिसमें वो ‘मोदी लहर अब सुनामी बन चुकी है!’ वाला डायलॉग बोलना भूल गये थे।

शाह जी को जैसे ही अपनी गलती का एहसास हुआ उन्होंने अपने अनुचरों को आदेश दिया कि, “जाओ! उस पत्रकार को तुरंत पकड़के लाओ! मैं फिर से इंटरव्यू दूँगा! सबसे जरूरी बात तो बोलना ही भूल गया हूँ!”

उधर, पत्रकार महोदय रिकॉर्डिंग पूरी करके रीढ़ की हड्डी सीधी करने सड़क की ओर निकल चुके थे। शाह जी का आदेश पाते ही ‘लड़के’ उस पत्रकार को ढूंढने निकल पड़े। कॉफ़ी शॉप में वो मिल भी गया और उठा लिये गए।

फ़ेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए शाह जी ने बताया कि, “ये आपके लिए छोटी बात हो सकती है लेकिन मेरे लिए यह डायलॉग उतना ही जरूरी है जितना नेटफ्लिक्स सीरीज में राधिका आप्टे! जब तक मैं ‘सुनामी’ वाला वाक्य नहीं बोल लेता मुझे चैन नहीं आता! इसलिए मैंने उस छिछोरे ‘पतरकार’ को वापस इंटरव्यू लेने को कहा है, शुरू से!” कुछ लोग तो यह भी दावा करते हैं कि अमित शाह जी इस डायलॉग को तीन लाख बार बोल चुके हैं।

उधर, चुनाव आयोग ने भी एडवायजरी जारी करके कहा है कि, “यदि किसी भाजपा नेता ने ‘ये लहर अब सुनामी बन चुकी है!’ वाला डायलॉग कम से कम एक बार नहीं बोला तो उसे बहत्तर घंटे तक चुनाव प्रचार करने से रोक दिया जाएगा! भले यह डायलॉग कितना भी पुराना हो, घिस चुका हो फिर भी आपको बोलना ही पड़ेगा!”



ऐसी अन्य ख़बरें