Saturday, 20th October, 2018

चलते चलते

मोदी जी का सख़्त आदेश- "विधायक खरीदने के बाद जो भी पैसे बचें, ईमानदारी से पीएम रिलीफ़ फ़ंड में जमा करा देना!"

17, May 2018 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. “ना खाऊँगा, ना खाने दूँगा!” -प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इस वर्ल्ड फ़ेमस स्लोगन को एक बार फिर चरितार्थ कर दिया है। और इस बार तो उन्होंने अपने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को भी नहीं बख़्शा!

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शाह जी को सख़्त हिदायत देते प्रधानमंत्री मोदी

मोदी जी ने शाह जी को आदेश दिया है कि “कर्नाटक में डीलिंग के बाद जो भी पैसे बचें, उन्हें ईमानदारी से प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करा देना, ताकि वे पैसे देश के विकास में काम आ सकें!”

भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ एक और बड़ा क़दम उठाते हुए उन्होंने कहा कि ” मेरा एक ही उसूल है कि जो भी काम करो, पूरी ईमानदारी से करो! अपना हो या पराया, मैं किसी को नहीं छोड़ता! सोते-जागते मैं केवल भ्रष्टाचार को ख़त्म करने के बारे में ही सोचता रहता हूँ। इसलिए ढंग से सो भी नहीं पाता!”

मोदी जी के इस बयान की महानता को समझाने के लिए बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा भी मीडिया के सामने आये। पात्रा जी ने कहा कि “दुनिया में कहीं भी कुछ भी हो रहा हो, मोदी जी की नज़रों से कुछ भी छुपा नहीं रहता, तो भला कर्नाटक का मामला भी कैसे छुपा रह जाता! वो कई दिनों से वहाँ की सिचुएशन पर नज़र बनाये हुए थे। बस कुछ कह नहीं रहे थे।”

“लेकिन आज जब उन्हें पता चला कि 8 विधायकों का जुगाड़ करने में पैसे का लेन-देन हो सकता है तो उन्होंने तुरंत फ़ोन घुमाया और शाह जी को साफ़-साफ़ बोल दिया कि “सौदा 100 करोड़ में नक्की हो या एक हज़ार करोड़ में लेकिन एक भी पैसे का हेर-फेर नहीं होना चाहिए। बचे हुए सारे पैसे पूरी ईमानदारी से रिलीफ़ फ़ंड में जमा हो जाने चाहिए!” -यह कहकर पात्रा जी उठ खड़े हुए और काग़ज़ पर कुछ हिसाब लगाते हुए निकल गये।।

इस बीच, येदियुरप्पा ने कहा है कि “विधायकों को डराने-धमकाने या पैसे-वैसे देने का तो सवाल ही नहीं उठता, शाह जी तो बस उन्हें प्यार से समझाएँगे! अगर वे मान गये तो ठीक और ना माने तो भगवान उनका भला करे, कुछ दिन बाद जब वे उनसे मिलें!”



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