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'दिल्ली में एक भी दंगाई नजर नहीं आना चाहिए!'' -ऐसा बोलकर स्वयं बंगाल निकल गये गृहमंत्री अमित शाह

03, Mar 2020 By Guest Patrakar

नयी दिल्ली. दंगाइयों को रोकने के लिए केंद्र सरकार कड़े से कड़े कदम उठा रही है, चाहे CCTV फुटेज से दंगाईयों को चिन्हित करना हो या फिर लोगों के बीच जाकर, उनसे बात करके शांति स्थापित करने का प्रयास करना! हद तो तब हो गई जब जब अमित शाह ने पुलिस बलों को आदेश दिया कि ‘दिल्ली में एक भी दंगाई नजर नहीं आना चाहिए’ और स्वयं चुनावी सभा करने बंगाल निकल गए।

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बंगाल जाने से पहले पोज देते शाह जी!

मुस्तफाबाद और जाफ़राबाद में दंगे भड़कने के बाद गृहमंत्री दबाव में थे, उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को तालाब किया और आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिये। उन्होंने कहा- “देखो भाई! जो करना है करो लेकिन एक भी दंगाई मुझे दिल्ली में नजर नहीं आना चाहिए! सोशल मीडिया पर जो अफवाह फैला रहे हैं उन्हें भी कूटने का प्रबंध करो! जाओ, जल्दी करो!”

इतना कहने के बाद उन्होंने पहली फ़ुरसत में फ़्लाइट पकड़ी और दीदी के खिलाफ सभा करने बंगाल निकल गए। सूत्रों की मानें तो अमित शाह ने ऐसा इसलिए किया ताकि उनके हाथ से कुछ उल्टा-सीधा ना हो जाए। आखिर ‘पुराना इतिहास’ नाम की भी कोई चीज होती है।

उधर, शाह जी के इस रणनीति की नकल दुसरे दल भी करने लगे हैं, आम आदमी पार्टी ने अमानतुल्लाह खान और ताहिर हुसैन को कुछ दिनों के लिए जर्मनी रवाना कर दिया है।

आप सुप्रीमो और मुख्यमंत्री, अरविंद केजरीवाल का कहना है कि,  “हम नहीं चाहते कि हम केंद्र सरकार के रास्ते का रोड़ा बनें, दंगा रोकने के लिए जो भी करना पड़ा, हम करेंगे! अगर जरूरत पड़ी तो मैं खुद भी दिल्ली छोड़ने के लिए तैयार हूँ!”

खैर, शांति चाहे जैसे भी मिले दिल्ली को मिलनी ही चाहिए।



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