Saturday, 17th November, 2018

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"ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा वाली बात मैंने 'बीफ' के लिए कही थी" -मोदीजी ने दी सफाई

28, Aug 2018 By Fake Bank Officer

नयी दिल्ली. किसी ज़माने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह प्रसिद्ध नारा दिया था- ‘ना खाऊंगा ना खाने दूंगा’ तब से आज तक विपक्षी दल राफल डील जैैसे छोटे-मोटे मामले में पीएम को घेरकर उनकी चौकीदारी पर सवाल उठाते रहते हैं। अब मोदीजी ने इन सारे आरोपों पर विराम लगाते हुए यह साफ किया है कि ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ वाली बात उन्होंने ‘बीफ’ को लेकर कही थी और उसको भ्रष्टाचार से ना जोड़ा जाए। हमारे संवाददाता को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने इसका खुलासा किया है।

modi eating
अपनी मनपसंद चीज़ खाते मोदीजी

“देखिये मैंने यह कभी नही कहा कि मैं रिश्वत खाऊंगा और ना किसी को खाने दूंगा’ मैंने तो यह प्रतिज्ञा बीफ को लेकर की थी। आप देख सकते हैं कि मैं बीफ नही खाता और मेरे आदमी हमेशा इस कोशिश में रहते हैं कि कोई और भी बीफ ना खा पाए!” -मोदीजी ने हँसते हुए बताया।

“तो फिर आपकी सरकार भ्रष्टाचार पर क्या कर रही है?” -हमारे रिपोर्टर ने सवाल दागा। “भ्रष्टाचार की हम कड़ी निंदा करते हैं और हमेशा करते रहेंगे” तुरंत जवाब आया। “तो क्या आप लोकपाल को लेकर गंभीर हैं?” -तो मोदीजी कुछ सोचते हुए बोले- “यह नाम तो कुछ सुना हुआ सा लगता है, क्या कोई नया देश है जहाँ मैं अब तक नही गया हूँ? मैं आज ही वहाँ का 4 दिन और 3 रातों का टूर बनाता हूँ!”

“अरे नही-नही! लोकपाल मतलब भ्रष्टाचार विरोधी कानून। खैर छोड़िए, RTI के बारे में आपकी क्या राय है?” -इस सवाल पर गंभीर होते हुए उन्होंने कहा कि- “RTI इस देश की एक ज्वलंत समस्या है, RTI की वजह से आज सरकारी कर्मचारी निर्णय लेने से कतराते हैं! RTI के कारण आज कोई राशन की दुकान का ठेका लेने को तैयार नही, यहाँ तक कि RTI के चलते मैं विदेश जाने से घबराता हूँ! हम सब को मिलकर RTI को हटाना होगा! यह एक सामाजिक समस्या बन गई है! और सबसे बड़ी बात ये UPA की देन है!”

रिपोर्टर कुछ कहता, इससे पहले मोदीजी बोले-” बस, बहुत हुआ इंटरव्यू, इतना तो मैं मन की बात में भी नही बोलता!” -कहकर वो चलते बने।



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