Friday, 19th July, 2019

चलते चलते

किस उम्र तक राहुल गाँधी को युवा माना जाए? महागठबंधन के नेताओं में हो गयी उठापटक

28, Nov 2018 By Fake Bank Officer

नयी दिल्ली/हैदराबाद. मोदी सरकार को 2019 के चुनावो में हराने के लिए विपक्षी दलों द्वारा महागठबंधन करने की कोशिशों को गहरा धक्का लगा है। इस बार विवाद की जड़ सीटों का बंटवारा नही बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को युवा मानने पर बनी असहमति है। हमारे संवाददाता ने खबर दी है कि सीटो के बँटवारे पर तो लगभग सभी दल एकमत हो गए हैं। मामला तो तब बिगड़ गया जब कुछ नेताओं ने राहुल गांधी को ‘युवा’ मानने से इनकार कर दिया।

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उठापटक से थोड़ी देर पहले की तस्वीर

सभी दलों के नेताओं को सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट भी दिखाया गया जिसमे राहुल को हमेशा ‘युवा’ बने रहने का सर्टिफिकेट मिला हुआ है, फिर भी गठबंधन के नेता मानने के लिए तैयार ही नहीं थे।

ममता दीदी ने यह कहकर बम फोड़ दिया कि “मैं तो बंगाल में लेफ्ट के साथ मिलकर सरकार बना सकती हूँ पर राहुल बाबा को ‘युवा’ नही मान सकती! या फिर मिल-बैठकर तय कर लो कि उन्हें किस उम्र तक युवा मानना है!”

ममता दीदी के इस तीखे बयान से कांग्रेस पार्टी के नेता बौखला गए। इस मुद्दे पर गर्मागर्म बहस शुरू हो गई और और हाथापाई की नौबत भी आ गयी। जाहिर है महागठबंधन भी इस बहस में कहीं बिखर गया।

इसी मामले पर अखिलेश यादव ने कहा कि, “यदि राहुल गाँधी को युवा माना जा रहा है तो लगे हाथ मुझे भी ‘किशोर’ मान लिया जाए!” दूसरी ओर राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि वो भी अपने आपको ‘शिशु’ के नाम से बुलाया जाना पसंद करेंगे।

वहीँ जन्म से लेकर अभी तक सिर्फ ‘यस मैडम’ कहने वाले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी भी इस पर खुद को बोलने से नही रोक पाए और कहा कि वो तो हमेशा से ही राहुल बाबा को बच्चा ही मानते आये हैं और उनके युवा बने रहने का रहस्य उनकी शारीरिक आयु से नही बल्कि मानसिक उम्र से है।



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