Monday, 26th August, 2019

चलते चलते

'Donkey-Trading' को 'Horse-Trading' कहने पर भड़के घोड़े, मोदीजी से करेंगे शिकायत

25, Jul 2019 By बगुला भगत

मेरठ. नेताओं की ख़रीद-फ़रोख़्त को ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ कहे जाने से दुनिया भर के घोड़े नाराज़ हो गये हैं। उनका कहना है कि इंडिया में गधों की ट्रेडिंग को हॉर्स ट्रेडिंग कहकर मीडिया हमारा भयंकार अपमान कर रहा है।

Horse-Donkey-Trading
गधों की शिकायत करते घोड़े

मेरठ के विक्टोरिया पार्क में कल रात ‘विश्व अश्व परिषद’ की बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ शब्द के ख़िलाफ़ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। निंदा प्रस्ताव पेश करते हुए अश्वराज हिनहिनानंद ने कहा, “घोड़ा समुदाय की जैसी बेइज़्ज़ती इंडिया में हो रही है, वैसी हमने कहीं नहीं देखी और ये आज से नहीं, सालों से हो रही है।”

“और सबसे ज़्यादा तकलीफ़ तो हमें तब होती है, जब इंसान नरेश अग्रवाल, पासवान और येदियुरप्पा जैसों के लिए भी ‘हॉर्स वर्ड यूज’ करते हैं।” अश्वराज के इतना कहते ही पूरा मैदान ‘शेम-शेम’ के नारों से गूँज उठा।

“सरकार बनाने-गिराने के लिए जिन नेताओं को ख़रीदा-बेचा जाता है, अगर उनमें से एक में भी घोड़े जैसी ‘वफ़ादारी’, ‘तेज़ी’ और ‘बहादुरी’ के गुण दिखा दें तो हम ख़ुद अपना नाम बदलकर ‘गधा’ रख लेंगे!” -कहकर अश्वराज ने अपना भाषण समाप्त किया और बैठ गये।

बैठते ही एक बुज़ुर्ग घोड़े ने उनसे कहा, “ऐसी बातों को हमें ‘नाल’ पे नहीं लेना चाहिए बेटा! इंसान तो एक-दूसरे को ‘कुत्ता’, ‘साँप’ और पता नहीं क्या-क्या कह देते हैं…इसलिए हमें भी इग्नोर कर देना…!”

यह सुनते ही अश्वराज उन्हें बीच में टोकते हुए बोले, “चाचा…ओ सिम्पैथी वाले चाचा! दूसरों का हमने ठेका नहीं ले रखा! और कुत्ते और साँप अपना ईमान उस तरह नहीं बेचते, जैसे इंडिया में नेता बेचते हैं…समझे!”



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