Friday, 10th April, 2020

चलते चलते

भाजपा के राम मंदिर और ‘आप’ के हनुमान प्रेम से प्रभावित होकर कांग्रेस ने किया शिव महापुराण कथा का ऐलान

21, Feb 2020 By किल बिल पांडे

नयी दिल्ली.  यूँ तो कहा जाता है कि राजनीति और धर्म को कभी एक साथ नहीं होना चाहिए, लेकिन भारतीय राजनीति में बिना ‘धर्म’ के पत्ता भी नहीं डोलता, बात-बात पर धर्म को ऐसे आगे कर दिया जाता है जैसे ‘धमाल’ फिल्म में जावेद जाफ़री का किरदार आगे हो जाता था।

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भगवान शिव की पूजा करते राहुल

भारतीय राजनीति के इस ‘धार्मिक युग’ में हर दल ने अपने-अपने आराध्य देव चुन लिए हैं। भाजपा ने श्री राम का दामन थाम रखा है तो ‘आप’ ने उन्ही के भक्त महावीर हनुमान का। ऐसे में अपना धार्मिक और राजनीतिक वजूद तलाश रही कांग्रेस पार्टी के खेमे से अच्छी खबर आ रही है क्योंकि इससे पहले उनके यहाँ किसी भगवान के नाम पर आम सहमति नहीं बना पायी थी।

सूचना मिली है कि कड़ी मशक्कत के बाद कांग्रेस पार्टी ने भगवान शिव को अपना ऑफिसियल प्रभु चुन लिया है। अपने आराध्य देव का निर्धारण करने के बाद पार्टी ने अन्य पार्टियों के एजेंडे को काउंटर करने के लिए हर सोमवार को पार्टी मुख्यालय में शिव महापुराण कथा के आयोजन का फैसला किया है।

इस निर्णय के बारे में और अधिक जानकारी देते हुए महान शिवभक्त एवं पार्टी प्रवक्ता, गौरव वल्लभ ने बताया कि- “मैंने तो पहले ही कह दिया था कि बिना धार्मिक हुए अपने पार्टी की गाड़ी पटरी पर नहीं आने वाली है पर राहुल जी मेरी सुनते ही कहाँ हैं? इसीलिए मैं संबित भाई के इकॉनमी ज्ञान के साथ-साथ रामचरितमानस ज्ञान का भी टेस्ट लेता रहता था!”

गौरव वल्लभ ने आगे बताया  कि, “हालाँकि, भगवान शिव का नाम तो लगभग पक्का ही है पर पार्टी अध्यक्ष का नाम तय करने की तरह प्रोसीजर तो फॉलो करना पड़ेगा ना! पिछली बार यूपी चुनाव में भी हमने शिव-भक्ति का एजेंडा चलाया था और जो चला आ रहा है उसे हमारे यहाँ बदलने की परंपरा नहीं है!” -गौरव ने ट्रिलियन के जीरो फिर से याद करते हुए कहा।

माना जा रहा है कि पार्टी इसी साल से कथा अभियान की शुरुआत करने जा रही है।



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