Tuesday, 25th September, 2018

चलते चलते

विश्व हिन्दू परिषद् का चीफ बनने से दो कदम दूर हैं अमर सिंह

29, Aug 2018 By Ritesh Sinha

लखनऊ. पूर्व समाजवादी नेता अमर सिंह ने आजकल आजम खान को कसकर पकड़ रक्खा है। यूपी के इन दोनों नेताओं ने फैसला किया है कि “बहुत बोर लग रहा है, चलो कुछ दिन लड़ाई करते हैं!” इसी सिलसिले में दोनों के बीच जमकर जुबानी जंग हो रही है। पहले बल्लेबाज़ी करते हुए आजम खान कुछ बयान देते हैं जिसे अमर सिंह शुद्ध हिंदी में बीच से चीरकर रख देते हैं। थोड़ी देर बाद आजम खान फिर से धमकी देते हैं, जिन्हें अमर सिंह हवा में ही मार गिराते हैं। लोग सोचने पर मज़बूर हो गए हैं कि अमर सिंह के अंदर का ‘हिन्दू’ अचानक कैसे जाग गया है?

Amar-singh
आजम खान को चेतावनी देते अमर सिंह

सबसे पहले उन्होंने कहा कि आजम खान के दाऊद से संबंध हैं, फिर अचानक वे गाय-बकरी को बीच में लाकर साम्प्रदायिकता के खिलाफ बोलने लगते हैं। समाजवादी पार्टी को नमाजवादी उन्होंने पहले ही घोषित कर रखा है। आगे वे कहते हैं कि शर्म करने के बजाय मैं सांप्रदायिक होना ज्यादा पसंद करूँगा!

इन्ही सब बयानों से निष्कर्ष निकाला जा रहा है कि वे किसी  की नौकरी खाना चाहते हैं। मुँह चलाने की इस प्रतियोगिता में अनजाने में ही अमर सिंह वीएचपी के नेताओं के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। अमर सिंह का बयान सुनकर लगता है कि वो घर से यह कहकर निकले हों कि मैं वीएचपी का चीफ बनकर ही लौटूंगा! यही वजह है कि विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष भी अपने पद को लेकर इनसिक्योर हो गए हैं।

वीएचपी के नए-नवेले चीफ विष्णु कोकजे ने बताया कि “ये अमर सिंह को क्या हो गया है? लगता है इसकी नज़र मेरे पोस्ट पर पड़ गई है? ऐसे बयान देकर वो क्या साबित करना चाहता है? अब तो मुझे भी डर लगने लगा है!” -कहते हुए वो अमर सिंह के खिलाफ नारे लगाने लगे। विशेषज्ञों की राय है कि अमर सिंह इसी स्पीड से चलते रहे तो एक दिन वीएचपी चीफ बनकर ही रुकेंगे!

उधर, अम्रर सिंह ने स्पष्ट किया है कि आज भी वे अपने पुराने ‘धंधे’ से ही खुश हैं और उन्हें कोई नया पद नहीं चाहिए! उन्होंने फेकिंग न्यूज़ से कहा कि “अगर आजम खां अपनी जीभ चलाएंगे तो मैं भी अपनी जीभ दोगुनी रफ़्तार से चलाऊंगा! रामपुर किसी के बाप की नहीं है, जब चाहे मैं वहाँ जा सकता हूँ!”



ऐसी अन्य ख़बरें