Saturday, 17th November, 2018

चलते चलते

नोटबन्दी के फ़ायदे गिनाने के लिए इकोनॉमिक्स पढ़ ली ज़ी न्यूज़ के एंकर ने, पढ़ते ही छोड़ दी नौकरी

16, Jul 2018 By Fake Bank Officer

नोएडा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की काले धन पर हुई सर्जिकल स्ट्राइक यानि कि नोटबन्दी के फ़ायदे अब भी कुछ लोगों को समझ नही आये हैं। ज़ी न्यूज़ के एक वफ़ादार एंकर रमेश चौरसिया ने पाया कि लोग अब भी बैंक की लाइन में मरने वाले चंद लोगों की दुहाई देकर इतनी बढ़िया योजना को कोसते रहते हैं। इसीलिए रमेश ने तय किया कि पहले वो खुद अर्थशास्त्र पढ़कर नोटबन्दी के फ़ायदे समझेगा और फिर अपने दर्शकों को समझायेगा।

Zee News1
चौरसिया की तरह नौकरी छोड़ने वाले एक और एंकर

एक महीने की छुट्टी लेकर रमेश ने अपने बच्चे की स्कूल की किताबों से शुरुआत की। फिर धीरे-धीरे उसने इस विषय पर और भी किताबें पढ़ी। हमेशा मोदी जी के भाषणों में अपना पूरा डेटा खत्म करने वाले चौरसिया ने इस बार रघुराम राजन और अमर्त्य सेन समेत कई अर्थशास्त्रियों के वीडियो भी सुने। इतनी रिसर्च करने के बाद भी उसको नोटबन्दी का एक भी फ़ायदा नहीं मिला, उल्टे बहुत सारी दिक़्क़तें जो पहले उसे पता नहीं थीं, अब समझ में आ गयीं। ख़ैर उसने सोचा कि क्यों ना बॉस सुधीर चौधरी को फ़ोन करके रिपोर्ट दी जाए और नोटबन्दी की असलियत ज़ी न्यूज़ पर दिखाई जाये।

“सर नोटबन्दी का तो कोई फ़ायदा है ही नहीं!” -चौरसिया ने उत्साहित होते हुए चौस्साब को बताया। सुनते ही चौस्साब फैल गये और गुस्सा होते हुए बोले, “क्या ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ की तरह बकवास कर रहे हो! तुमने इस टॉपिक को ढंग से पढ़ा भी है कि नहीं?”

“सर मैने तो रघुराम राजन और कौशिक बसु को पढ़ा है!” चौरसिया ने सफ़ाई दी।

“अरे वे सब तो देशद्रोही अर्थशास्त्री हैं। कोई देशभक्त अर्थशास्त्री नहीं मिला, तुमने अनुपम खेर को नहीं पढ़ा या श्री श्री रविशंकर को? ये लोग उनसे भी बड़े अर्थशास्त्री हैं। और फिर हमारे पीएम मोदी जी ख़ुद महान अर्थशास्त्री हैं। मैं तो उन्हीं से कंसल्ट करता हूँ।” -चौस्साब ने समझाते हुए कहा।

अब रमेश चौरसिया जी समझ गये कि अब उनका ज़ी न्यूज़ में गुज़ारा होना मुश्किल है। अगले ही दिन उन्होंने अपना इस्तीफ़ा चौस्साब को थमा दिया। जाते-जाते चौस्साब ने उन्हें धमकी दी, “देख लूंगा तुझे! तिहाड़ ना भिजवाया तो मेरा नाम बदल देना!”

ज़ी न्यूज़ के दफ्तर के बाहर पकौड़े बेचने वाले हमारे संवाददाता को चौरसिया जी ने जाते-जाते बताया कि अब वो NDTV ज्वॉइन करने की सोच रहे हैं और रवीश को इम्प्रेस करने के लिए खैनी चबाना और बिहारी एक्सेंट में बात करना सीख रहे हैं।



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