Saturday, 23rd March, 2019

चलते चलते

'रिपब्लिक टीवी' के स्टूडियो में निकला ज़हरीला साँप, अर्नब के क़हर से साँप को बचाया गया, हालत ख़तरे से बाहर

26, Oct 2018 By Ritesh Sinha

मुंबई. पिछले दिनों वन विभाग की टीम ने रिपब्लिक टीवी के स्टूडियो से एक जहरीला साँप पकड़ा, जो पिछले एक महीने से अर्नब की डेस्क के नीचे फँसा हुआ था। चूँकि साँप की हालत ख़राब थी, इसलिए वन विभाग की टीम ने उसे डॉक्टर्स के हवाले कर दिया, जो उसे बचाने की कोशिशों में जुटे हैं।

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“साँप जी, आप पहले मेरे सवालों का जवाब दो!”

घटना को याद करते हुए एक पेनलिस्ट ने बताया कि “डिबेट शुरू होने ही वाली थी, तभी मेरी नज़र अर्नब की डेस्क के नीचे गई। मैंने देखा कि वहां एक बहुत बड़ा साँप था। मैं जोर से चिल्लाया “भागो-भागो! साँप-साँप…भागो!” सभी पूंछ उठाकर भागने लगे। अर्नब ने सबको रोकने की बहुत कोशिश की लेकिन सभी पेनलिस्ट भागकर दूसरे कमरे में जाकर दुबक गए, सभी डर के मारे थर-थर कांप रहे थे।”

जानवरों के अस्पताल में साँप का इलाज़ कर रहे डॉक्टर विष कुमार विश्वास ने फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया कि “वैसे तो ये साँप अब ख़तरे से बाहर है लेकिन उसकी हालत अभी भी बहुत खराब है। लगभग एक महीने तक अर्नब को झेलना कोई छोटी-मोटी बात नहीं है। हमने उसे सुबह नाश्ते में तीन चूहे और दो मेंढक दिये थे। चूहे तो वो खा गया लेकिन मेंढक को उसने हाथ भी नहीं लगाया। इससे पता चलता है कि वो कितना डरा हुआ है।” साथ ही डॉक्टर ने स्पष्ट किया कि अर्नब को साँप से कोई ख़तरा नहीं था बल्कि साँप को अर्नब गोस्वामी की आवाज़ से ख़तरा था।

जब हमने डॉक्टर से पूछा कि “साँप तो सुन ही नहीं सकते, फिर उसे अर्नब की आवाज़ से ख़तरा कैसे हो सकता है?” इस पर डॉक्टर ने हमें समझाते हुए कहा, “देखिए! जब कोई इंसान तेज़ आवाज सुनता है तो वो बहरा हो जाता है और जब कोई साँप तेज़ आवाज़ के संपर्क में आता है तो उसकी सुनने की शक्ति वापस आ जाती है। यही इस साँप के साथ हुआ है। अर्नब की आवाज़ को सुनकर इसे भी सुनाई देने लगा है।”

उधर, अर्नब के सभी पेनलिस्ट ने अर्नब से हॉकी स्टिक की मांग की है ताकि अगर फिर से कोई साँप स्टूडियो में निकल आए तो पेनलिस्ट अपनी रक्षा कर सकें। कुछ लोगों का मानना है कि अगर इन पेनलिस्ट्स को हॉकी स्टिक दे दी गयी तो ये डिबेट के दौरान एक दूसरे का सिर फोड़ डालेंगे।



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