Saturday, 22nd September, 2018

चलते चलते

'आप की अदालत' को मिला हाईकोर्ट का दर्जा, रजत शर्मा प्रमोट होकर वकील से जज बने

26, Mar 2018 By बगुला भगत

नोएडा. हिन्दी न्यूज़ चैनल इंडिया टीवी की ‘आप की अदालत’ को अब सचमुच की अदालत का दर्जा मिल गया है। क़ानून मंत्रालय ने आज ‘आप की अदालत’ को हाईकोर्ट के बराबर का दर्जा प्रदान कर दिया। इस अदालत में सालों से वकालत कर रहे संदिग्ध वकील रजत शर्मा को भी प्रमोट करके जज बना दिया गया है।

Rajat Sharma-Adalat
जज बनने के बाद नये सूट में शर्मा जी

राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शर्मा जी को जज का सर्टिफिकेट और हथौड़ा प्रदान किया। इस अवसर पर मोदी जी ने कहा, “शर्मा जी को पता था कि मैं पीएम बनने वाला हूं, फिर भी वो माने नहीं और मुझे कटघरे में खींच लाये और मुझ पर बहुत गंभीर मुकदमा चलाया!”

“और सच कहूँ तो, ना मैं वहाँ गया था, ना किसी ने मुझे वहाँ भेजा था, मुझे तो शर्मा जी ने बुलाया था!” -मोदी जी पुराने दिनों को याद करते हुए बोले।

इस कार्यक्रम के बाद सरकार के फ़ैसले की विस्तार से जानकारी देते हुए क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि “हमने आज अपना एक और चुनावी वादा पूरा कर दिया। हालांकि इस वादे का ज़िक्र हमारे घोषणा-पत्र में नहीं था। लेकिन वादा तो वादा होता है! हमने देश के सबसे काबिल बंदे को जज बनाया है।”

श्री प्रसाद ने शर्मा जी की प्रशंसा करते हुए कहा कि, “इनके टेलेंट का पता इसी बात से लग जाता है कि आज तक किसी दूसरे वकील की इनके सामने आने की हिम्मत भी नहीं हुई। वहां तो जज भी तभी मुंह खोलते हैं, जब शर्मा जी इशारा करते हैं।”

इस फ़ैसले से बेहद खुश नज़र आ रहे इंडिया टीवी के मालिक रजत शर्मा ने कहा कि “न्यूज़ चैनल खोलना तो बस एक बहाना था। असल में मैं बचपन से ही जज बनना चाहता था और लोगों की किस्मत का फ़ैसला करना चाहता था। आज से मेरे और भी अच्छे दिन शुरु हो गये हैं!”

उधर, सरकार के इस फ़ैसले पर क़ानून के जानकार दो धड़ों में बंट गये हैं। संविधान विशेषज्ञ फली एस नशेमन का कहना है कि “टीवी के प्रोग्राम्स को इतना सीरियसली नहीं लेना चाहिए। अगर ऐसा ही चलता रहा तो सीआईडी का एसीपी प्रद्युम्न भी किसी दिन पुलिस कमिश्नर बन जायेगा।”



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