Sunday, 8th December, 2019

चलते चलते

नैनोचिप की बैटरी ख़त्म हो गयी इसलिए बंद की जा रही है 2000 के नोट की छपाई: सुधीर चौधरी

11, Nov 2019 By किल बिल पांडे

नॉएडा फिल्म सिटी.  सरकार की ऐतिहासिक परियोजना ‘नोटबंदी’ की तीसरी वर्षगांठ पूरे देश में धूमधाम से मनाई जा रही है। कुछ लोगों के घर से आज भी जब इक्का-दुक्का 1000, 500 के नोट निकले तो वो पुरानी यादें ताज़ा करते हुए फिर भावुक हो उठे।

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2000 के नोट का डीएनए करते सुधीर

इस बीच नोटबंदी की देन और ‘छुट्टे के दुश्मन’ 2000 के नोट को लेकर बड़ी सूचना मिल रही है। खबर है  कि इस साल 2000 का एक भी नोट नहीं छापा गया है और आगे भी इसकी छपाई करने का कोई प्लान नहीं है।

हालाँकि आरबीआई ने इसकी ठोस वजह तो नहीं बताई लेकिन ‘2000 के नोट के एक्सपर्ट’ सुधीर चौधरी ने फिर अपनी जान पर खेल कर इसका कारण पता लगा लिया है।

2000 के नोट के ‘डीएनए’ की रग-रग से वाकिफ़ सुधीर अपने प्राइम टाइम के ‘ख़ास विश्लेषण’ में इसका खुलासा करने वाले थे। इससे पहले यह होता, हमारे रिपोर्टर ने प्रदूषण के कारण हुए घने कोहरे का फायदा उठाते हुए यह गोपनीय स्क्रिप्ट उड़ा ली।

इस स्क्रिप्ट में साफ लिखा है कि छपाई बंद करने की असली वजह वही नोट में छिपी बहुप्रसिद्ध ‘नैनोचिप’ है जो काले धन की जमाखोरी के जीपीएस सिग्नल सैटेलाइट को भेजती हैं।

तीन साल की अवधि में इसी नैनोचिप की बैटरी अब ख़त्म हो गयी है और उन्हें तुरंत रिप्लेस किया जाना बेहद आवश्यक है, इसीलिए अब नये नोट न छापकर पुराने नोटों की नैनोचिप में नई बैटरी लगाकर उन्हें फिर से सिग्नल भेजने के लिए सक्षम बनाया जाएगा।

दरअसल, 2000 के नोट से सुधीर का पुराना वास्ता रहा है। इस नोट के बारे में वो पहले ऐसी जानकारियाँ सार्वजानिक कर चुके हैं जो खुद रिज़र्व बैंक के पास भी नहीं थी।



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