Tuesday, 18th September, 2018

चलते चलते

कुनाल कामरा का रवीश वाला इंटरव्यू देख मोदी फ़ैन को हुआ 'मल्टीपल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर'

30, May 2018 By Namit Jain

एजेंसी. कुछ दिन पहले तक युवक रामनरेश बहुत ही सुखी आदमी था। उसे पूरा भरोसा था कि देश सही हाथों में हैं। उसे लगता था कि मोदी जी के नेतृत्व में भारत अमेरिका और दुबई को सिखाएगा कि विकास किसे कहते हैं। उसका देशप्रेम उर्फ़ मोदी-प्रेम अपनी चरम सीमा पर था।

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रामनरेश की दिमागी हालत बताते रवीश कुमार

उसने मान लिया था कि मोदी जी कभी कोई ग़लत फैसला ले ही नहीं सकते। नोटबंदी की सफलता पर अभी तक वो अपने दफ्तर में मैनेजर से लेकर चपरासी तक, सबसे बहस करता है। उसको अपने विश्वसनीय व्हॉट्सएप्प के सूत्रों से यह भी पता चला था कि सर्जिकल स्ट्राइक में हाफ़िज सईद बाल-बाल बच गया क्योंकि उसकी गुप्तचर ‘बरखा बत्त’ ने उसे ख़बर पहुँचा दी थी।

वो आमतौर पर रवीश कुमार, बरखा दत्त, राजदीप सरदेसाई जैसे एंकर्स की शक्ल देखते ही चैनल बदल दिया करता था। उसके हिसाब से ये सारे लोग कांग्रेस के दलाल हैं और इन सब के म्यूच्यूअल फण्ड की किश्तें 10-जनपथ ही भरता है।

बीते रविवार उसने देखा कि उसके एक मित्र ने कॉमेडियन कुनाल कामरा का वीडियो शेयर किया है। आदतानुसार, उसने उस पर क्लिक कर दिया, जिससे कि वो बाद में कमेंट्स में उसे गालियाँ दे सके। लेकिन वीडियो देखते हुए आभास हुआ कि इसमें तो रवीश कुमार उसके प्रिय मोदी जी की बुराई करने के बजाय शिक्षा व रोजगार की बातें कर रहा है। उसे अपने कानों पर यकीन ही नहीं हुआ!

रामनरेश को लगता था कि मोदी जी के राज में हर ग्रेजुएट को मनचाही नौकरी और पैकेज मिल रहा है। इंटरव्यू देख कर वो बौखला गया। उसने फ़ौरन रवीश को ग़लत साबित करने के लिये अपने जीवन में पहली बार रिसर्च करनी शुरू की। लेकिन मालूम पड़ा कि रोजगार, शिक्षा एवं बिजली से जुड़ी सारी बातें जो रवीश ने कहीं, वो सच थीं।

यह देखकर रामनरेश को इतना झटका लगा कि उसके अंदर ‘अपरिचित’ फिल्म के नायक की तरह एक नए व्यक्तित्व ने जन्म ले लिया। यह व्यक्तित्व कवितात्मक कटाक्ष नहीं बल्कि तथ्यों पर भरोसा करता है। अब रामनरेश अपने आप को रामनरेश नहीं, रामरवीश बुलाने लगा है। लेकिन उसका यह व्यक्तित्व सिर्फ़ तभी प्रकट होता है, जब आस-पास कोई भक्त मोदी जी की उपासना में लगा होता है। एकदम से प्रकट होकर वो उसकी उपासना को अपने तर्क से भंग करने की कोशिश करता है। इस नये बदलाव से उसके मित्रजन व परिवार वाले काफी चिंतित हैं। इस बात की ख़बर स्थानीय भाजपा कार्यालय को दी जा चुकी है और वे इसे गंभीरता से लेते हुए एक और बार रवीश और कुनाल का पुतला जलाने के कार्यक्रम का आयोजन करने वाले हैं।



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