Friday, 22nd November, 2019

चलते चलते

बैठने की जगह नहीं थी तो एक पैनलिस्ट को अपनी गोद में बिठा लिया अर्नब ने

22, Oct 2019 By Ritesh Sinha

मुंबई. महाराष्ट्र और हरियाणा चुनाव के एग्जिट पोल पर चर्चा करने के लिए अर्नब ने बीस लोगों को अपने स्टूडियो में बुला लिया था, नतीजा यह हुआ कि डिबेट शुरू होने से पहले एक पैनलिस्ट को बैठने की जगह ही नहीं मिली। उन्नीस लोग अपनी-अपनी कुर्सी पर बैठ चुके थे और जनार्दन मिश्रा जी सबके सामने बेबसी से खड़े हुए थे।

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इसी दौरान गिर गये मिश्रा जी

शो शुरू होने से एक मिनट पहले अर्नब ने प्रेजेंस ऑफ़ माइंड दिखाते हुए मिश्रा जी को अपने पास बुलाया और उन्हें अपनी गोद में बिठा लिया। ‘शो’ तय समय पर शुरू हो गया।

अर्नब की गोद में बैठे मिश्रा जी को बड़ा मज़ा आ रहा था लेकिन वो आने वाले खतरे से अनजान थे, जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ अर्नब ने उछल-उछलकर कांग्रेस और NCP को कोसना शुरू कर दिया, नतीज़ा यह हुआ कि मिश्रा जी पाँच बार, अर्नब की गोद से छिटककर दूर जा गिरे।

फर्श पर गिरने के बाद मिश्रा जी बड़ी मुश्किल से खड़े होते और वापस अर्नब की गोद में जाकर बैठ जाते, इस बार वो कुर्सी को कसकर पकड़ते लेकिन हर बार उनकी पकड़ कमज़ोर पड़ जाती और वो उछलकर नीचे गिर पड़ते थे।

बीच में अर्नब ने समय निकालकर उनसे कहा भी कि, “कसके पकड़े रहो!’ लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, मिश्रा जी कद्दू की तरह हर बार लुढ़कते रहे और इसी चक्कर में फर्श से टकराकर सामने के चार दाँतों से हाथ धो बैठे। दस मिनट बाद जब अर्नब का मोनोलॉग खत्म हुआ तब जाकर उन्होंने राहत की साँस ली।

एक घंटे तक डिबेट चली और अर्नब के इतना नज़दीक बैठने के बाद भी उन्हें बोलने का मौका नहीं मिला। बाद में हमने जनार्दन मिश्रा जी से  संपर्क साधने की कोशिश भी कि लेकिन पता चला कि वो अपने कान का इलाज करवाने अस्पताल गये हुए हैं अतः उनसे बात नहीं हो पाई।

उधर, इस पूरे घटना पर टिप्पणी करते हुए अर्नब ने हमारे रिपोर्टर को बताया कि, “मिश्रा जी के लिए जगह नहीं थी इसलिए मैंने उन्हें अपनी गोद में ले लिया था, अब उसके घरवाले मुझसे इलाज का खर्चा मांग रहे हैं, मैं नहीं देने वाला!”



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