Saturday, 17th November, 2018

चलते चलते

स्विस बैंक का बयान- "भारत सरकार पर भरोसा नहीं, तभी व्हाट्सएप पर भेजते हैं काला धन रखने वालों की लिस्ट!"

01, Jul 2018 By Fake Bank Officer

नयी दिल्ली. रिपोर्ट आई है कि स्विस बैंकों में जमा भारतीयों का पैसा 50 फीसदी बढ़ गया है। एक तरफ सरकार अभी भी स्विस सरकार से वहाँ पैसा जमा करने वाले भारतीयों के नाम लेने का ढोंग कर रही है, तो  वहीँ स्विस बैंकों ने साफ कर दिया है कि उनको भारत सरकार पर भरोसा नही है, इसलिए हर बार की तरह वो काला धन रखने वालों की लिस्ट व्हाट्सएप्प पर ही भेजेंगे। जिसमें ना सिर्फ नाम बल्कि उनके द्वारा जमा रकम का भी ब्यौरा दिया जाएगा।

'व्हाट्सएप वाली लिस्ट ही सच्ची है!' -स्विस बैंक
‘व्हाट्सएप वाली लिस्ट ही सच्ची है!’ -स्विस बैंक

इस मामले पर बोलते हुए UBS बैंक के प्रमुख पीटर गुप्ता ने कहा कि “हम हमेशा से ही इस तरह की खुफिया जानकारी व्हाट्सएप्प पर ही देना पसंद करते हैं, क्योंकि भारत की जनता को सरकार और अखबार से ज्यादा भरोसा व्हाट्सएप्प पर होता है! सरकार पर तो खैर हम भी भरोसा नही करते!” -कहकर पीटर ठहाका मारकर हँसने लगे।

“व्हाट्सएप्प पर आप कुछ भी मैसेज डालकर आखिरी में ‘जय-हिंद’ लिख दो, एक दिन में मैसेज वायरल हो जाता है, बचा-खुचा काम बीजेपी आईटी सेल वाले कर देते हैं! व्हाट्सएप्प पर लिस्ट भेजने के और भी कई फायदे हैं, जैसे कि कोई भी अपने हिसाब से लिस्ट बदल सकता है, अपनी श्रद्धा से कोई भी काले धन वाले को सफेद बना सकता है, रकम भी मन मुताबिक बदली जा सकती है! यह लचीलापन आपको सिर्फ व्हाट्सएप्प ही प्रदान करता है!” -उन्होंने आगे बताया।

उधर, व्हाट्सएप्प पर ‘अच्छे दिन’ नाम का ग्रुप चलाने वाले एक क्रांतिकारी ने बताया “स्विस बैंक की ख़बरें मीडिया में आने के बाद से ग्रुप में हलचल काफी बढ़ गयी है, हमे रोज ऐसी दस लिस्ट मिल रही है जो विकीलीक्स या इंटरपोल से सूचना मिलने का दावा करती हैं! बड़े शर्म की बात है कि व्हाट्सएप्प पर सारी जानकारी होते हुए भी आयकर विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है!”

उन्होंने डेमो के तौर पर अज्ञात स्त्रोतों से प्राप्त एक ऐसी लिस्ट हमारे संवाददाता को दिखाई जिसमे अलग-अलग राजनेताओं तथा सेलिब्रिटीज के नाम और जमा राशि लिखी हुई थी।



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