Thursday, 2nd April, 2020

चलते चलते

"हमारा सिलेबस और मत बढाओ!", त्रस्त यूपीएससी छात्रों की सरकार से गुहार

19, Dec 2019 By किल बिल पांडे

नयी दिल्ली. नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने वाले लोगों में अब मुखर्जी नगर के छात्रों का भी नाम जुड़ गया है। लेकिन इस क़ानून के पक्ष-विपक्ष से दूर, यूपीएससी की तैयारी कर रहे इस इलाक़े के छात्रों के विरोध की वजह कुछ और ही है!

UPSC aspirants' protest
प्रोटेस्ट करते यूपीएससी अभ्यर्थी

ज़िम्मेदारी और उधारी के बोझ तले दबे इन ज़्यादातर छात्रों का मानना है कि मोदी सरकार का दूसरा कार्यकाल शुरू होने के बाद महँगाई और उनके सिलेबस में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। सिलेबस इतना बढ़ गया है कि उसे रटते-रटते सबके तोते उड़ने शुरू हो गए हैं।

मुफ़्त के चाय-सुट्टे के नाम पर बात करने को राज़ी हुए ऐसे ही एक परेशान युवक चंद्रभान ने फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया, “अरे भईया, अब कहाँ से दुखड़ा सुनना शुरू करें! एक मुसीबत हो तो बताएँ! जब से यह सरकार आयी है, तब से सिलेबस इतना बढ़ गया है कि पूछो मत! पहले तो यूपीएससी की सीटें कम कर डालीं, ऊपर से एक के बाद एक कानून पास किये जा रहे हैं। कोई इनसे कहे कि कुछ बाद के लिए भी बचा लो!” व्यथित चंद्रभान ने दूसरी सिगरेट सुलगाते हुए कहा।

“इनके लिए तो सिर्फ क़ानून है पर हमारे लिए तो कोर्स है ना जी! पहले ही पिछला सब कुछ निपटाने में नींद नसीब नहीं हो रही है, ऊपर से रोज़ कुछ न कुछ बढ़ा डालते हैं। अब तो इलाके के चाय वाले ने भी मज़े लेने शुरू कर दिए हैं। कह रहा था कि भईया जल्दी से नया क़ानून पढ़कर निपटा दो, कल एक और आने वाला है।” गुस्साए चंद्रभान ने अर्नब के पेनलिस्ट के अंदाज़ में अपना दर्द बयाँ किया।

सूत्रों के अनुसार, अभियार्थियों का समूह शुक्रवार सुबह गृह मंत्री से मिलकर आधिकारिक रूप से उनसे अपनी रफ़्तार कम करने की गुहार लगाने वाला ज्ञापन सौंप सकता है।



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