Wednesday, 17th July, 2019

चलते चलते

NRC पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला: समर्थन करने वाले ख़ुद उठाएँ अवैध शरणार्थियों का ख़र्चा

05, Aug 2018 By Guest Patrakar

नयी दिल्ली. पिछले दिनों असम में NRC से बाहर रह गए चालीस लाख लोगों को लेकर देश में काफ़ी बवाल मच रहा है। जहाँ एक खेमा उन्हें NRC के बहाने देश से बाहर निकालने की बात कर रहा है, तो वहीं दूसरा उन्हें NRC में गड़बड़ी बताते हुए देश में रोकने की वकालत कर रहा है। ऐसे में यह मामला सुप्रीम कोर्ट में गया और सुप्रीम कोर्ट ने अपना फ़ैसला सुनाते हुए कहा है कि NRC से बाहर रह गये लोगों के हितैषी अगर चाहें तो उन्हें अपने ख़र्चे पर भारत में रख सकते हैं।

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इन्हीं के लिए दिया है सुप्रीम कोर्ट ने अपना फ़ैसला

कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद तो उनकी पैरवी करने वाले नेताओं के ऊपर तो जैसे गाज ही गिर गयी! इस फ़ैसले को और विस्तार से समझने के लिए हमने मशहूर वकील राम ससुरमलानी से बात की। उन्होंने बताया, “इस फ़ैसले के अनुसार, नेताओं को इन शरणार्थियों को क़ानूनी तौर पर गोद लेना होगा और उनके खाने-पीने से लेकर रहने-करने तक की सारी ज़िम्मेदारी भी लेनी होगी। अगर इसमें किसी भी तरह की कोई कमी आयी तो सुप्रीम कोर्ट ख़ुद उन नेताओ की प्रॉपर्टी ज़ब्त करके उनका पालन-पोषण करेगी। इसके साथ ही गोद ना लिये गये लोगों को बांग्लादेश वापिस भेजा जाएगा।”

हमने इस बारे में TMC नेता और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी बात की। उन्होंने कहा, “ये सोब होमारे खिलाप मोदी का साजिश है। होम उसको छोड़ेगा नोहीं! मोदी ने कोर्ट भी ख़रीद लिया है। देश सोंकट में है। वो मोजबूर लोग किधर जाएगा?”

जब हमारे संवाददाता ने उन्हें कुछ बांग्लादेशियों को गोद लेने को कहा तो वो भड़क उठीं और बोलीं, “ओब तुम होमारे को सोमझायगा किसको गोद लेना है किसको नहीं? तुम इधर दिल्ली के बोजाय ओगर होमारे बोंगाल में होता तो होम तूमको बोताता!” ऐसा बोल के वो इंटरव्यू छोड़ कर चली गयीं।



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