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दिल्ली पुलिस की नाकामी को देखते हुए, दंगे जल्दी ख़त्म करने के लिए यूपी पुलिस को बुला सकती है केंद्र सरकार

02, Mar 2020 By Guest Patrakar

नयी दिल्ली.  देश की राजधानी दिल्ली के हालात बिगड़ते ही जा रहे हैं, शाहीन बाग से शुरू हुआ आंदोलन जाफराबाद और मुस्तफाबाद में दंगे का रूप ले लेगा, ऐसा किसी ने नहीं सोचा होगा। उधर, दिल्ली पुलिस को इस साजिश की जरा भी भनक नहीं लगी और वो इस दंगे को समय रहते रोकने में नाकाम रही!

uo=police
यूपी पुलिस के जलवे!

यही वजह है कि केंद्र सरकार ने उत्तरप्रदेश पुलिस को यह मामला सौंपने का निर्णय लिया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

वैसे भी वहाँ की पुलिस साल भर यही काम करती रहती है, लाठीचार्ज करने का इतना अनुभव हो चुका है कि आँख मूंदकर भी शांति स्थापित कर सकते हैं। क्या है पूरा मामला, आइये जानते हैं-

ख़बर है कि दंगा रोकने में एक्सपर्ट यूपी पुलिस की दस बटालियन और ATS के दो सौ जवान, दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं, यहाँ पहुँचते ही वो अपने काम ले लग जाएंगे। माना जा रहा है कि दिल्ली पुलिस की नाकामी और केंद्र सरकार के रिक्वेस्ट के बाद यह कदम उठाया गया है।

इस ख़बर की पुष्टि स्वयं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की है, उन्होंने कहा कि, “हमारी पुलिस ऐसे उपद्रवियों को बख़ूबी रोकना जानती है, हमारे राज में जब खूंखार से खूंखार गैंगस्टर जब हथियार डाल देते हैं तो ये दंगाई किस खेत के मूली हैं? किसी को भी कानून व्यवस्था को हाथ में लेने की छूट नहीं दी जाएगी!”

हम ‘दिल्ली पुलिस’ की हर संभव मदद करेंगे, साथ ही हम जान-माल का नुकसान करने वाले उपद्रवियों से पैसा वसूलने की कला भी दिल्ली पुलिस को सीखा देंगे!” -कहते हुए योगी ने मेरठ पुलिस का एक जत्था दिल्ली के लिए रवाना कर दिया।

सूत्रों की मानें तो उत्तर प्रदेश पुलिस के आने की खबर लगते ही दिल्ली में शांति है और हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं।



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