Wednesday, 21st November, 2018

चलते चलते

"एक परिवार बस एक ही पूड़ी खा सकेगा इस बार दीवाली पर" -सुप्रीम कोर्ट

06, Nov 2018 By गोबर जी

नयी दिल्ली. पटाखों के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के सख़्त फ़ैसले की मार पूड़ी पर पड़ी है। कोर्ट ने कहा है कि इस दीपावली पर कोई भी परिवार एक पूड़ी से अधिक नहीं खायेगा। बताया जा रहा है कि ऐसा करने से प्रदूषण में भारी गिरावट आएगी।

Fadnavis-Eating-BJP
इस फ़ैसले से कुछ लोगों को बहुत प्रॉब्लम होने वाली है

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले के पीछे का तर्क देते हुए कहा कि पूड़ी बनाते वक्त ईंधन बहुत ख़र्च होता है। पहले कढ़ाई गर्म करो, फिर तेल गर्म करो, तभी पूड़ी तली जाती है। लेकिन रोटी के लिए ऐसा कुछ नहीं करना पड़ता। पूरा परिवार और आसपास के लोग जब उस एक ही पूड़ी को खाएंगे तो प्रदूषण घटेगा और आपस में प्यार बढ़ेगा।

लेकिन एक चतुर वकील ने प्रदूषण के दूसरे कारणों की तरफ ध्यान दिलाते हुए कहा, “माई लॉर्ड, दिल्ली की सड़कों पर 20 -25 साल पुराने ट्रक जो चलते हैं वे क्या कार्बन डाई ऑक्साइड पीते हैं और ऑक्सिजन छोड़ते हैं?”

इस पर जज साहब वैज्ञानिकों की तरह बोले, “देश के 90% बेवकूफों की तरह कुतर्क न करें। ट्रकों के चलने की प्रक्रिया समझनी है तो राकेट साइन्स आना ज़रूरी है। तुम जो ये ट्रकों से धुआँ निकलते हुए देखते हो न, दरअसल वो ही ट्रकों को धक्का देता है और उनकी स्पीड बढ़ाता है।”

यह सुनकर एक हिंदुत्ववादी वकील ने कहा, “बट माई लॉर्ड! शहर में लगी उन चिमनियों के बारे में क्या कहेंगें, जो 24 घंटे धुआँ निकालती रहती हैं?” तो जज साहब उसे लतियाते हुए बोले, “धिक्कार है! आप इतना भी नहीं जानते! इन चिमनियों के नीचे उद्योगपति हवन करते हैं और उस हवन से वातावरण शुद्ध होता है।”

यह कहकर जज साहब ने फ़ैसले पर अपना क़ानूनी हथौड़ा मारा और लंबी छुट्टी पर चले गये।



ऐसी अन्य ख़बरें