Sunday, 5th April, 2020

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राम मंदिर मसला फिर से कोर्ट में फँसा, वाड्रा ने कहा- मेरे पास हैं ज़मीन के काग़ज़ात

11, Nov 2019 By Guest Patrakar

नयी दिल्ली. अगर आपको लगता है कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद अयोध्या विवाद ख़त्म हो गया है तो आप गलती कर रहे हैं, अभी तो रॉबर्ट वाड्रा से पार पाना बाक़ी है। सर्वोच्च न्यायलय के फ़ैसले के बाद राम मंदिर बनने में एक नयी अड़चन आ गयी है, कांग्रेस पार्टी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने दावा किया है कि उनके पास विवादित ज़मीन के काग़ज़ात है।

Robert-Vadra-Moon
दिखाऊँ क्या कागज़ …?

उनके इस एलान के बाद देश में हड़कंप मच गया है, लोग कह रहे हैं कि अगर उनके पास कागजात हैं तो वो इतने दिनों तक क्या कर रहे थे, पहले क्यों नहीं बताया? आइये इस मसले को विस्तार से जानते हैं-

रॉबर्ट वाड्रा ने अपने वकील के माध्यम से पुनर्विचार याचिका डालते हुए कहा है कि, “सुप्रीम कोर्ट किस आधार पर फैसला दे रही है? किन तथ्यों के आधार पर राम मंदिर बनाने को कह रही है? जबकि ज़मीन के असली डाक्यूमेंट्स तो मेरे पास पड़े हैं, मेरे पूर्वजों ने बाबर को यह जमीन पाँच सौ साल के लीज पर दी थी, जो 2020 में ख़त्म हो रही है!

जाहिर है लीज ख़त्म होने के बाद जमीन का मालिकाना हक मेरे नाम वापस आ जाएगा! इसीलिए मैं चाहता हूँ कि यह भूमि मुझे मिले ताकि मैं इस पर एक सर्व-सुविधायुक्त ‘जिम’ बना सकूँ! और अगर किसी को इस पर मंदिर-मस्जिद बनानी है तो पहले वो मुझसे यह ज़मीन खरीद ले!”

हालाँकि जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि इतने दिनों तक आप क्या कर रहे थे? तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया कि, “प्राइस ऊपर जाने का वेट कर रहा थे!”

सूत्रों की मानें तो सुप्रीम कोर्ट की बेंच भी, इतनी देर से आने पर वाड्रा से काफी नाराज है, हालाँकि जज लोग वाड्रा को एक शब्द भी सीधे नहीं कह सकते क्योंकि जहाँ सुप्रीम कोर्ट बना है उस जगह के कागज़ात भी वाड्रा अपनी डिक्की में लेकर घूमते हैं। एक गलत कदम और स्वयं जज, कोर्ट से बाहर हो जाएँगे।

खैर, वाड्रा ने जमीन बेचने का ऑप्शन तो दे दिया है अब देखना दिलचस्प होगा कि कौन सा पक्ष उन्हें पैसा देकर यह ऑफर स्वीकार करता है।



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