Tuesday, 31st March, 2020

चलते चलते

शाहीन बाग़ में आधी से ज्यादा भीड़ इंजीनियरों की निकली, मुफ्त बिरयानी के लिए हो रहे हैं प्रदर्शन में शामिल

03, Feb 2020 By Guest Patrakar

नयी दिल्ली. शाहीन बाग़ का सच आपको बहुत से लोग दिखा ही रहे होंगे लेकिन हमारे जैसा सच कोई नहीं दिखा सकता। कोई कह रहा है कि वहाँ भारत विरोधी नारे लग रहे हैं तो कोई कह रहा है कि जनता को परेशानी हो रही है, ऐसे में सच क्या है, ये आज हम आपको बताएँगे-

shaheen baugh
ये सब इंजीनियर हैं !

हमारे संवादाता ‘संजय दत्त’ ने वहाँ पर एक हफ्ता बिताया है और जानकारी हासिल की है कि आखिर शाहीन बाग में क्या हो रहा है, संजय की रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रदर्शन में, पाँच प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिन्हें सच में डर है कि सरकार उन्हें बाहर निकाल देगी!

दस प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो सरकार की अन्य नीतियों से परेशान हैं और मौका मिलते ही अपना  पुराना गुस्सा निकाल रहे हैं!

बाकी बचे जितने भी लोग हैं वो वहाँ बस नाच-गाना और कुदरती बिरयानी के चक्कर में शाहीन बाग पहुँचे हैं, उन्हें किसी कानून से कोई लेना-देना नहीं है, उन्हें तो बस फ्री की बिरयानी चाहिए।

चौंकाने वाली बात ये है कि इनमें से ज्यादातर लोग इंजीनियर प्रजाति के हैं, वही इंजीनियर जो मुफ्त के खाने के लिए ‘ठग्स ऑफ़ हिन्दोस्तान’ भी देखने को राजी हो जाते हैं! ये लोग दिन भर वहाँ तरह-तरह के नारे लगाते हैं और रात में बिसलरी की बोतल से दो घूँट ‘रॉयल स्टैग’ के मारकर बिरयानी का आनंद लेते हैं।

हमारे रिपोर्टर ने ऐसे ही एक इंजीनियर ‘सुरेश’ को अपनी जाल में फँसाया और नशे की हालत में उससे सच उगलवा लिया। उस इंजीनियर ने लड़खड़ाते हुए बताया कि, “कॉलेज में बैठे-बैठे बोर होने से अच्छा है यहाँ आकर सुकून की ज़िंदगी जीयो! वैसे भी आजकल ‘थर्मोडायनामिक्स’ में मन नहीं लगता!

यहाँ मुफ्त में खाना मिल जाता है और कोई टीचर अटेंडेंस की धमकी भी नहीं देता, अगर दे भी दिया तो उसे लोकतंत्र का हवाला देकर हम चुप करा देंगे!” -सुरेश ने लेग-पीस दबाते हुए कहा। किसी ने सच ही कहा है मंदिर-मस्जिद मंदिर बैर कराते, मेल कराते इंजीनियर!



ऐसी अन्य ख़बरें