Monday, 17th December, 2018

चलते चलते

कमल के फूल को 'हार्ट-शेप्ड' हर्ब समझ कर पी गया मोदी भक्त, उल्टी-दस्त से हुई हालत ख़राब​

22, Feb 2018 By Vish

वाराणसी. लंका निवासी गजानन पाण्डे को आज सुबह-सुबह उल्टी और पेट की तकलीफ़ के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ गया है। ऐसा पाण्डे जी के कमल के फूल को घोल कर उसका रस पी जाने के कारण हुआ। बताया जा रहा है कि पाण्डे मारवल की फ़िल्मों के बहुत बड़े फ़ैन हैं। जब भी मारवल की कोई नयी फ़िल्म आने वाली होती है, वो उसी के रंग में रम जाते हैं।

bjp-supporter-modi-lotus
कमल के फूल से ढँके गजानन बाबू

इस बार भी ‘ब्लैक पैंथर’ पिक्चर की रिलीज़ को लेकर वो काफ़ी उत्साहित थे। यहाँ तक कि उन्होंने अपना नाम भी गजानन से बदलकर ‘N’Gaja’ रख लिया था। पर पाण्डे मारवल के फ़ैन होने के साथ ही घनघोर मोदी भक्त भी हैं। तो भई गलती से भक्ति के दोनों तार आपस में जुड़ गये और शाॅर्ट सर्किट हो गया!

हुआ यूँ कि कल ब्लैक पैंथर देख कर लौटे गजानन उर्फ़ N’Gaja शाम से ही उसी के ख्यालों में खोये हुए थे। वो बार-बार पिक्चर के सुपर हीरो ब्लैक-पैंथर और उसमें दिखाये हार्ट-शेप्ड हर्ब के बारे में ही सोच रहे थे। वो सोच रहे थे कि अगर उन्हें भी कहीं से वो हर्ब मिल जाता, तो उनमें भी कितनी सारी सुपर पाॅवर्स आ जातीं! वो अपने सपनों में खोये ही हुए थे कि कब उनका दिमाग वहाँ से दौड़ कर सन् 2014 के जनवरी महीने में चला गया, पता ही नहीं चला।

उन्होंने देखा कि 2014 में एक भाषण के दौरान मोदी जी जनता से कह रहे थे- “मित्रों.. कमल के फूल मे बहुत शक्ति है। अगर कमल की ताकत महसूस करना चाहते हो तो इसे अपना कर देखो।” यह देखते ही गजानन नींद से जाग गये। उन्हें लगा कि उनके आराध्य उनके सपने में दर्शन देकर उन्हें साक्षात रास्ता दिखाने आये हैं।

हार्ट-शेप्ड हर्ब और कमल के फूल का कनेक्शन जुड़ते ही वो झट से पलंग से नीचे कूदे और फट से एक कमल का फूल ढूंढ के लाये, सट से उसे कूट कर उसका रस निकाला और गट से उसे पी गये। उसे पीने के कुछ क्षण बाद ही उनकी बाॅडी में अजीबो-गरीब रिएक्शन होने शुरु हो गये। पहले तो उन्होंने इसे नाॅर्मल समझ कर इग्नोर कर दिया क्योंकि फ़िल्म में ब्लैक-पैंथर का शरीर भी पीने के बाद कुछ क्षणों तक जड़ पड़ जाता है। पर रात भर उन्हें उल्टी और शौच होती रही, जिसके कारण सुबह होते-होते उनकी हालत गंभीर हो गयी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ गया।

जब आज दोपहर में हमारे रिपोर्टर उनके पास पहुँचे तो अस्पताल के बेड पर लेटे-लेटे गजानन ने गंभीर स्वर में कहा, “पता नहीं साला कमल का फूल काम क्यूँ नहीं किया, मोदी जी झूठ तो बोलेंगे नहीं!” तभी उनके दिमाग में कुछ चमका और उन्होंने खुशी से चुटकी बजाते हुए कहा, “अब समझ आया! साला हर्ब को पीने के बाद खुद को मिट्टी से ढँकना भी पड़ता था।”



ऐसी अन्य ख़बरें