Sunday, 5th April, 2020

चलते चलते

JNU की प्रतिष्ठा को सबसे ज़्यादा नुकसान निर्मला सीतारमण के बयानों से हुआ है -रिसर्च

09, Dec 2019 By Fake Bank Officer

नयी दिल्ली. फ़ेकिंग न्यूज़ ने कड़ी रिसर्च के बाद यह पता लगाया है कि JNU की प्रतिष्ठा को जितना नुकसान टुकड़े-टुकड़े गैंग और used condom से भी नहीं हुआ, उससे कहीं ज़्यादा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयानों से पहुँचा है। चूंकि निर्मलाजी JNU से ही पढ़ी हैं, इसलिए उनके ऊटपटाँग बयानों से देश की जनता में JNU को लेकर गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

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एक और बयान देतीं निर्मलाजी

पहले ही कारों की गिरती बिक्री के लिए निर्मला सीतारमण ने ओला, उबेर को ज़िम्मेदार ठहराकर अपने ज्ञान का परिचय दिया था। अभी हाल ही में फिर उन्होंने प्याज़ की कीमतों पर अपनी विशेष टिप्पणी कर खूब वाहावाही बटोरी। आये दिन आ रहे उनके बयानों के चलते वैश्विक संगठनों ने JNU की रैंकिंग गिरा दी है। वहीं, आम जनता में भी यह धारणा बन रही है कि यदि JNU से पढ़ने के बाद व्यक्ति ऐसा हो जाता है तो क्यों ना JNU को दी जा रही सब्सिडी वापस ले ली जाये!

JNU के बाहर नशा कर रहे एक ग़रीब छात्र ने फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया कि “बड़ी समस्या हो गयी है। वित्त मंत्री कुछ भी बोलती हैं और गालियाँ हम ग़रीबों को खानी पड़ती हैं। सब को यही लगता है कि हम यहाँ टाइम पास कर रहे हैं। देश का मीडिया हमें लाख गालियां दे, फर्क नही पड़ता पर हमारी पूर्व छात्र ही हमारी फ़ज़ीहत कराये तो हम कहाँ जायें! अब समय आ गया है कि JNU एक विज्ञप्ति जारी कर खुद को निर्मला सीतारमण के बयानों से अलग करे।”

वहीं, जब निर्मलाजी से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा, अर्थव्यवस्था और वित्तीय स्थिति पर उनकी पकड़ उनकी व्यक्तिगत मेहनत का नतीजा है और प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इसका श्रेय JNU को नहीं दिया जाना चाहिए। वित्त मंत्री के इस स्पष्टीकरण के बाद JNU के छात्रों ने कुछ राहत की साँस ली है।



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