Thursday, 20th September, 2018

चलते चलते

"बेटा को मंत्री बना दीजिए, देखिए न दँतवे छिपा देता है!" -माँझी ने लगाई नीतीश से गुहार

26, Jul 2018 By ashesharun

पटना. सचमुच आदमी बेटे के फेर में क्या-क्या नहीं करता है! अपने बिहार वाले पूर्व सीएम जीतनराम मांझी को ही देखिए! बेचारे उम्रदराज़ हो चले हैं, इस उम्र में आदमी मुक्ति की कामना के साथ चारों धाम की यात्रा का टूर प्लान बनाता है, झोला लेकर निकल पड़ता है। इधर ये बेचारे दलों की सैर कर रहे हैं। कह रहे हैं कि बेटा संतोष किसी ठिकाना लग जाये तो चैन की सांस लें। ये काम हो जाये तो मुक्ति का मजा आ जाये!

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नीतीश बाबू को अपने दाँतों का सेट दिखाते माँझी

लेकिन मांझी के पूरे सपोर्ट के बावजूद बेटे की क़िस्मत दगा दे जा रही है। जब पूरे देश में मोदी लहर चल रही थी, तब बिहार में लापता हो गयी। बेटे को असेम्बली का टिकट दिलाया, वो चुनाव हार गया। उम्मीद थी कि एनडीए की सरकार बनेगी तो काउंसिल में सेट कर देंगे। सरकार नहीं बनी। बेटा ज़िद पर अड़ गया। मांझी ने एनडीए का साथ छोड़ दिया। धुर विरोधी आरजेडी में जा धँसे।

सुप्रीमो लालू प्रसाद ने सहारा दिया, बोले- “जैसा आपका बेटा, वैसा ही हमारा बेटा। जाइए, काउंसिल में फिट कर देते हैं!” लड़का काउंसिल मतलब विधान परिषद में सेट कर गया। मांझी घर आए, राहत की साँस ली। बेटा फैल गया- “इससे क्या होता है? अब मिनिस्टर बनाइए!” बहुत समझाया कि “दो साल दम धरो! तेजस्वी सीएम बनेंगे तो मिनिस्टर भी बन जाना। अब कौन सा मुँह लेकर हम नीतीश के पास जाएँगे!”

इतना कहकर मांझी सोने चले गए। सुबह उठे, देखा कि पानी के कटोरे में रखा दाँत का सेट ग़ायब है। खोजने लगे। बेटा बोला- “यही मुँह लेकर नीतीश के पास जाइए!” मांझी कुछ बोल रहे थे। आवाज़ के बदले मुँह से बस हवा निकल रही थी। बेटा हाव-भाव से समझ गया कि दाँत का सेट मांग रहे हैं। कह रहे हैं कि ‘बिना दाँत के बात कैसे करेंगे?’ बेटे ने दाँत का सेट थमा दिया।

वो भागे-भागे घर से निकले। सीएम के घर पहुंचे (उनके लिए किसी नेता के घर का दरवाज़ा बंद नहीं होता क्योंकि हरेक नेता जानता है कि मांझीजी कभी भी किसी भी दल या गठबंधन में जा सकते हैं)। सुबह-सुबह उन्हें आया देखकर नीतीश घबरा गये। हालचाल पूछा। मांझी रूआँसे होकर बोले- “जैसे-तैसों को आपने मिनिस्टर बना दिया है। हमको तो डायरेक्ट सीएम ही बना दिया था। अब हमरे मेरे बेटे पर भी कृपा कीजिए, उसे मिनिस्टर बना दीजिए। नहीं बनाएँगे तो हमरा दाँत छिपा देगा”

नीतीश मुस्कुराए। उन्हें मांझीजी के दाँतों के बारे में पता था क्योंकि सीएम पद की शपथ लेने के बाद वो सीधे डेंटिस्ट के पास ही गये थे। एकदम चमकदार सेट बनवाया था। नीतीश ने उनके दर्द को समझा और भरोसा दिया- “हम आपके दाँत का हिफाजत करेंगे। कैबिनेट विस्तार का मौसम आने दीजिए।” कहते हैं कि बेटा अभी शांत है और उनके दाँत के साथ छेड़छाड़ नहीं करता है।



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