Thursday, 15th November, 2018

चलते चलते

'डेमोक्रेसी' पर रिसर्च करने भारत आए थे होनोलुलु के छात्र, संसद का हंगामा देख उल्टे पैर वापस लौटे

09, Mar 2018 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. होनोलुलु के कुछ मेधावी रिसर्च स्कॉलर ‘भारत और उसकी डेमोक्रेसी’ पर रिसर्च करने राजधानी में आये हुए थे। इस मक़सद से इन छात्रों ने भारत की शानदार ‘डेमोक्रेसी’ का नमूना देखने के लिए संसद भवन जाने का भी निर्णय लिया। लेकिन जब वे संसद भवन पहुंचे तो वहाँ की हालत देखकर उनके होश उड़ गये। नारेबाज़ी और हल्ला-गुल्ला के अलावा उन्हें कुछ भी रिसर्च करने लायक नहीं मिला!

Protest-in-Parliament
इसी सीन को देखकर भाग गये होनोलुलु के छात्र

हुआ यूँ कि जब वे सेन्ट्रल हॉल पहुंचे तो 50% सांसद अपनी सीट से गायब थे। बीस-तीस सांसद ‘वेल’ में खड़े होकर अर्नब गोस्वामी की तरह चिल्ला रहे थे। कुछ सांसद ‘सचिन वी लव यू’ टाइप पोस्टर लेकर कैमरे के सामने पोज दे रहे थे और सुमित्रा जी उन्हें चुप कराने की ‘कोशिश’ कर रही थीं। यह नज़ारा देखकर होनोलुलु के छात्र घबरा गए, उन्हें समझ नहीं आया कि अब क्या करे!

“ये क्या है?” -एक छात्र ने अपना चश्मा ऊपर उठाते हुए पूछा। “यही तो डेमोक्रेसी है!” -उनके साथ चल रहे गाइड ने बड़े आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया। फिर तो वे एक पल भी वहाँ नहीं रुके और उल्टे पैर संसद से बाहर की ओर भागने लगे।

“क्या यही है इंडिया की डेमोक्रेसी?” -भागते भागते एक स्टूडेंट ने पूछा। “हाँ मैडम! अब यही बचा है हमारे पास! जो कुछ भी है आपके सामने है! अगर रिसर्च लायक लगता है तो देख लीजिए!” -गाइड ने जवाब दिया।

“रिसर्च गयी तेल लेने! हमें यहाँ से जल्दी बाहर निकालो!” -दूसरे स्टूडेंट ने गाइड का हाथ पकड़ते हुए कहा। इससे पहले कि वे सभी पागल हो जायें, गाइड ने उन सबको सकुशल संसद से बाहर निकाला। बाहर आते ही सारे स्टूडेंट्स ने राहत की साँस ली और रिसर्च को वहीं छोड़कर वापस होनोलुलु के लिए रवाना हो गये।

ग़ौरतलब है कि संसद पिछले चार दिनों से ठप्प पड़ी हुई है। पीएनबी घोटाला, आंध्र प्रदेश स्पेशल पैकेज और स्टेच्यू तोड़ने के मुद्दे पर सदन में ज़बरदस्त हंगामा हो रहा है, जैसा होनोलुलु के मासूम छात्रों ने अपनी ज़िदगी में कभी नहीं देखा था, इसीलिए बेचारे डरकर अपने देश भाग गये।



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