Tuesday, 19th November, 2019

चलते चलते

अपना बेटा बीमार हुआ तो डॉक्टर ने रद्द की हड़ताल, बेटे के ठीक होते ही वापस हड़ताल में शामिल

18, Jun 2019 By Fake Bank Officer

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में चल रही डॉक्टरों की हड़ताल से सरकारी अस्पताल वाले मरीज़ों के साथ-साथ डॉक्टरों के परिवार के सदस्य भी समस्या का सामना कर रहे हैं। कई डॉक्टरों ने स्ट्राइक का हवाला देकर अपनी बीमार पत्नी और सास का इलाज करने से इनकार कर दिया है तो एक डॉक्टर ने अपने बेटे के बीमार पड़ते ही हड़ताल ही खत्म कर दी।

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हड़ताल को ठेंगा दिखाते बोस

रामभरोसे सरकारी अस्पताल में पदस्थ डॉ. सी. के. बोस कल शाम को हड़ताल के बाद अपने घर पर आराम फरमा रहे थे कि तभी उनके पांच वर्षीय पुत्र डिंकू को खुजली होने लगी।

बेटे की इस हालत पर भी डॉ. साहब टस से मस नहीं हुए और डिंकू को किसी प्राइवेट क्लीनिक पर जाने की सलाह दी। पर जब डिंकू कि मम्मी ने उनको खरी-खोटी सुनाई तो बोस साब को हड़ताल खत्म करनी पड़ी और तुरन्त बेटे का इलाज करना पड़ा।

हालांकि बाद में डॉक्टर एसोसिएशन के तलब करने पर उन्होंने साफ किया कि बेटे के लिए उन्होंने अस्थायी रूप से हड़ताल रद्द की थी और उसके ठीक होते ही अब वो पूरे जोश के साथ हड़ताल में शामिल हो गए हैं।

हालांकि कुछ डॉक्टरों ने यह कहते हुए उन पर तंज कसा की वो तो गंभीर रूप से बीमार अपनी पत्नी का भी इलाज नही कर रहे और न किसी और को करने दे रहे हैं और इस बोस के बच्चे ने जरा सी बात के लिए स्ट्राइक रद्द कर दी।

वहीँ हड़ताल के दौरान कुछ डॉक्टर जहाँ मकड़ी के जाले साफ कर समय काट रहे हैं तो कुछ ने पूरी मुस्तैदी के साथ अपना क्लीनिक संभाल लिया है। एक डॉक्टर ने फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया कि “जहाँ पहले छुप-छुप कर क्लीनिक संभालना पड़ता था वहीँ अब हड़ताल के बाद पूरा समय हम अपने क्लीनिक पर आने वाले मरीज़ों को दे रहे हैं, साथ ही अपना फर्ज भी निभा रहे हैं!”



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