Sunday, 26th January, 2020

चलते चलते

वृन्दावन में भाभी और देवर गैंग में गैंगवार, कई देवरों के सर फूटे, नंबर वन भाभी अंडरग्राउंड

28, Feb 2018 By shaukin lekhak

वृन्दावन. मथुरा में होली उत्सव के दौरान गैंगवार का भयानक सरफोड़ मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह गैंगवार सालों पुराने देवर-भाभी गैंग के बीच हुई, जिनमें पिछले कई सालो से छोटी-मोटी झड़पें होती रही हैं। लेकिन इस बार मामला काफ़ी भयंकर हो गया।

Mathura-Vrindavan-Holi
देवरों पर हमला करतीं भाभी गैंग की कुख्यात मेंबर

प्राप्त जानकारी के अनुसार हाल ही में भाभी गैंग में नयी बद-दिमाग़ और गु़स्सैल भाभी अनुष्का भी शामिल हुई थीं, उनके पति भी मार-पिटाई और गाली-गलौज के लिए जाने जाते हैं। जब से ये भाभी गैंग में शामिल हुयी थीं, तभी से वो देवर गैंग के बिगड़ैल देवरों के किस्से सुन रही थीं। यहाँ तक कि उनके खुद के देवरों ने भी उन्हें बहुत दुखी कर रखा था। उनकी जय-जयकार के किस्सों ने अनुष्का भाभी को अंदर तक भर दिया था।

इसलिए अनुष्का भाभी ने देवरों की सताई हुई, फुर्तीली और छरहरी नयी भाभियो की टोली बनाकर देवरों को ठोंकने का विशेष प्रशिक्षण भी दिलवाया। प्लानिंग के अनुसार, जैसे ही नटखट, छिछोरे और आवारा देवरों का झुण्ड दिखाई दिया, वे अपनी सेना के साथ उनकी तरफ दौड़ पड़ीं। इससे पहले कि देवर गैंग कुछ समझ पाता, अनुष्का भाभी, जो नंबर वन भाभी कहलाती हैं, ने ताबड़-तोड़ पारी खेल 4-5 देवरों को बिछा दिया।

यह देख देवर गैंग के मुखिया रवीश शास्त्री ने आपत्ति जताई कि यह नियम विरुद्ध है। हमारे बाप-दादा कॉन्ट्रैक्ट में धीरे-धीरे मारने और हमें अपने आप को बचाने का पूरा मौके दिए जाने के समबन्ध में लिखकर गए हैं। देवर गैंग के सदस्य रोहित ने बतया कि “हम सब तो भांग-वांग पीकर पूरा मूड बना कर गये थे, इसलिए हम नयी भाभी की टोली के मंसूबों को समझ ना सके। हमें लगा कि इस बार ज्यादा नयी, अच्छी रंगीली भाभियों का झुण्ड झड़प करने के लिए आया है।”

“हमारे बाकी रसिया और बौड़म सदस्य भी भाभियों की अदाओं पर रीझ गए और इसी चक्कर में ये अनहोनी हो गयी। इधर भाभियों की लाठी फ़ौज ने हमला किया, उधर हमारे गैंग का संचालन कर रहे वीरेंदर यादव ने अपने बन्दों को जान बचाकर नाली में कूद जाने का आदेश दिया। पर हाय री किस्मत! सूबे के मुख्यमंत्री के आने के कारण नालियाँ यमुना की तरह साफ़ थीं, इसलिए हमारे कूदने का कोई फायदा ना हुआ। भाभियाँ भूखी शेरनियों की तरह दहाड़ मारकर हमारे गैंग के सदस्यों पर टूट पड़ीं।” -रोहित ने कराहते हुए कहा।

चारों तरफ़ अफरा-तफरी मच गयी। देवरों का झुण्ड तितर-बितर हो गया। एक-एक देवर पर चार-चार भाभियाँ पिल पड़ीं। थोड़ी ही देर में चारो तरफ टूटे-फूटे देवर बिखरे पड़े थे और घोर सन्नाटा पसरा हुआ था। नंबर वन भाभी का दूर-दूर तक पता नहीं था, बस दूर कहीं से कुछ खिलखिलाती आवाजें आ रही थी. जिनके बोल थे- “बुरा ना मानो होली है!”



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