Wednesday, 21st August, 2019

चलते चलते

कोलकाता के कमिश्नर को लाने की ज़िम्मेदारी मोदीजी ने CID को सौंपी, दया और अभिजीत के साथ ACP प्रद्युम्न बंगाल रवाना

04, Feb 2019 By बगुला भगत

नयी दिल्ली/कोलकाता. जब घी सीधी उँगली से नहीं निकला तो प्रधानमंत्री मोदी को उँगली टेढ़ी करनी ही पड़ी! जब सीबीआई के बड़े-बड़े अफ़सर भी बंगाल के पुलिस कमिश्नर को नहीं पकड़ पाये तो मोदीजी को सीआईडी की याद आयी और उन्होंने तुरंत एसीपी प्रद्युम्न को फ़ोन लगाया। मोदीजी का आदेश मिलते ही एसीपी, दया और अभिजीत को लेकर ‘मिशन कमिश्नर’ पर कोलकाता रवाना हो गये।

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दरवाज़ा तोड़ने कोलकाता रवाना होते एसीपी साब

दरअसल, एसीपी प्रद्युम्न का नाम मोदीजी को उनके सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने सजेस्ट किया था क्योंकि एसीपी कई साल पहले डोभाल के साथ भी काम कर चुके हैं और वो जानते हैं कि ममता के गढ़ से कमिश्नर को एसीपी साब के अलावा कोई और नहीं ला सकता।

डोभाल को सीबीआई ने बताया था कि जब उनकी टीम कोलकाता पहुँची तो कमिश्नर राजीव दरवाज़े के पीछे छुप गये थे। और चूँकि दया तो सबसे पहले दरवाज़ा ही तोड़ता है, इसलिए अब कमिश्नर के बचने का कोई चांस नहीं है।

एसीपी प्रद्युम्न ने जाते-जाते मोदीजी से वादा भी किया है कि “और कुछ नहीं तो कम से कम दो-चार दरवाज़े तो तोड़कर आयेंगे ही!”

उधर, पीएमओ के सूत्रों ने बताया कि एसीपी से पहले मिस्टर इंडिया के नाम पर भी विचार किया गया था क्योंकि उसे कोई देख नहीं पायेगा। लेकिन मिस्टर इंडिया लंगोट का थोड़ा कच्चा है और स्त्री को देखते ही रोमांटिक गाना गाने लगता है, इसलिए उसका नाम ड्रॉप कर दिया गया।



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