Friday, 20th July, 2018

चलते चलते

प्रधानमंत्री मोदी बोले- "सही बनियान का चुनाव है असली राष्ट्रीय मुद्दा!"

04, Jul 2018 By Saquib Salim

नयी दिल्ली. आज यहाँ राजधानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के सामने एक बड़ा ख़ुलासा किया। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि “देश की जनता से जो विकास के वादे आपने किये थे, वे पूरे होते क्यों नहीं दिख रहे हैं?” तो मोदी जी ने ये स्वीकार कर लिया कि उनकी ओर से देश के मौजूदा हालात को समझने में भारी चूक हुई है।

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सही बनियान का महत्व समझाते मोदी जी

उन्होंने कहा कि “पिछली बार मेरे सलाहकारों ने 2014 के चुनाव से पहले मुझे बताया था कि देश के सामने जो ज्वलंत मुद्दे हैं, वे हैं भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी, महंगाई, ब्लैक मनी, बलात्कार वगैरह-वगैरह! मैंने उनकी बात मान ली और इन्हीं सारे मुद्दों पर जनता से वोट माँगा और वादा किया कि बहुत जल्द देश चीन, अमेरिका आदि को पछाड़ कर विकसित देशों की कतार में खड़ा हो जाएगा!”

फिर वो भावुक होते हुए शायराना अंदाज़ में बोले, “मगर ये हो न सका और अब ये आलम है कि विकास नहीं और विकास की आस भी नहीं! भटक रहा हूँ मैं विदेशों में, जैसे मुझे विकास के सिवा किसी की भी अब तलाश नहीं!”

“मैं सोचने लगा कि आख़िर नोटबंदी, GST, नीति आयोग का गठन आदि क्रांतिकारी निर्णय लेने के पश्चात भी देश वैसा विकास क्यों नहीं कर पाया जैसा कि मेरा ख़्वाब था। ये सब सोचते-सोचते मैंने एक लम्बे अरसे बाद अपना टीवी लगा लिया और जैसे-जैसे मैं चैनल बदलता गया, मेरी आँखे खुलती चली गयीं। मुझे एहसास हो गया कि चार साल पहले मुझे ग़लत सलाह दी गयी थी। देश के असली मुद्दों के बारे में तो मुझे बताया ही नहीं गया था!”

भावुक होते हुए प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “टीवी से मुझे ज्ञान हुआ कि देश के सामने असल मुद्दा तो ‘बनियान’ का है! मुझे आज तक ये पता ही नहीं था कि हमारा देश सही बनियान के चुनाव को लेकर कितना परेशान है। और अगर सही बनियान ना मिले तो मनुष्य के जीवन में कितनी कठिनाइयाँ आ सकती हैं। यही वजह है कि हर समय टीवी पर कोई ना कोई ज़िम्मेदार भारतीय नागरिक यही बता रहा है कि कौन सा बनियान पहना जाए और यहाँ पर मैंने देखा कि कोई भी बनियान देश के सर्वंगीण विकास का पूरक नहीं है।”

“एक बनियान है, जिस को हमारे एक देशभक्त अभिनेता पहनते हैं. उसको पहन कर वो अपने से बलशाली दिखने वाले गुंडों को मार सकते हैं परन्तु एक दूसरे बनियान को पहनने से आप लंबा टिकते हैं. ये दूसरा बनियान एक दूसरे अभिनेता पहनते हैं और तीसरे अभिनेता का बनियान आरामदायक है जबकि चौथे के बनियान से स्त्रियाँ सम्मोहित हो जाती हैं, पाँचवें के बनियान से मनुष्य सुर में गाने और बजाने लगता है। सार ये है कि ये सारे अभिनेता अपने-अपने मतानुसार बेहतर से बेहतर बनियान देशवासियों को पहनाना चाहते हैं, परन्तु देश का विकास कब होगा?”

“देश का विकास केवल तभी संभव है जब इन सारे बनियानों के गुण देशवासियों को एक ही बनियान में प्राप्त हो जाएँ। तभी देश का युवा सशक्त होगा। सोचिये एक ऐसे बनियान के बारे में, जिसे पहनकर आप पहलवानों को हरा सकें, स्त्रियों का मन मोह सकें, गा सकें, खेल सकें और ऑफिस में भी कमाल दिखा सकें। यदि ऐसा बनियान देश को मिल जाये तो देश चहुँमुखी विकास करने लगेगा। भला हो टीवी पर आने वाले इन विज्ञापनों का कि मुझे देश की इस भारी समस्या का ज्ञान हो सका।”

“अगले चुनावों में मैं ये ग़लती नहीं दोहराऊँगा। मैं वादा करता हूँ कि इस बार मेरी सरकार चुनाव के बाद आपको सही बनियान देगी। सब से पहले मैं बनियान-बंदी द्वारा सारे बनियान सरकारी ख़ज़ाने में जमा करवाऊँगा ताकि ख़राब बनियान किसी भारतवासी के पास ना रहे। फिर सबको हर महीने एक बनियान दिया जायेगा, जिसमें सभी बनियानों के गुण होंगे और इसमें कोई चिप भी नहीं लगी होगी कि आपकी पत्नी आपको ढूँढ ले। तो इस बार हमारा नारा होगाः बहुत हुई बनियान की मार, अबकी बार मोदी सरकार!”



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