Tuesday, 19th November, 2019

चलते चलते

महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला समेत कई बेरोज़गार हुए नेताओं को 'गाइड' का काम देगी केंद्र सरकार

06, Aug 2019 By Guest Patrakar

नयी दिल्ली. धारा-370 हटने की प्रक्रिया के शुरू होने के बाद कुछ लोग, केंद्र सरकार से खासे नाराज़ हैं, जिनमें से ज़्यादातर लोग नेता प्रजाति के हैं, इनमें सबसे ऊपर नाम है, ऊमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती का! इनके अलावा कई अलगावादी तथा उनके समर्थक भी खून के आँसू रो रहे हैं। ‘370’ हटने के बाद अब इनकी राजनीति ख़त्म होने की कगार पर आ चुकी है, ऐसे में केंद्र ने इन्हें रोज़गार देने का फ़ैसला दिया है।

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उसमें भी बहुत स्कोप है!

गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा के अपने भाषण में कहा “मैं जानता हूँ कि बहुत लोगों को भारी नुकसान होने वाला है, इनकी राजनीति ख़त्म हो जाएगी भाईसाब! ये अच्छी बात नहीं है, मुझे पीड़ा हो रही है!”

इसलिए मैं इनमे से ज़्यादातर लोगों को ‘लोकल गाइड’ का काम देना चाहता हूँ, ये लोग उस इलाक़े से अच्छे से परिचित हैं, हाथ में काम रहेगा तो इनका दिमाग़ भी स्वस्थ्य रहेगा! ख़ाली बैठेंगे तो कुछ उल्टा-पुल्टा ही सोचेंगे!” -उन्होंने विपक्षी सांसदों की ओर घूरते हुए कहा।

“मेरे पास एक और ऑफर है, ‘गिलानी’ को मैं  डोमिनोज में नौकरी दिलवाऊँगा ताकि वो चैन से बैठकर पिज़्ज़ा के टुकड़े कर सकें! आख़िर उन्हें ‘टुकड़े’ करने का इतना शौक़ जो है!” -शाह ने अपनी बात पूरी की।

इसके साथ नये-नये राजनेता बने IAS टॉपर शाह फ़ैजल भी कुछ ख़ास ख़ुश नहीं हैं। हमने उनसे बात की तो उन्होंने मायूसी भरे शब्दों में कहा कि, “मैं चाहता तो सरकारी नौकरी कर लेता और ख़ूब पैसा छापता लेकिन मैं राजनीति में बदलाव के लिए आया हूँ, इस मोदी और शाह ने तो घाटी की राजनीति ही ख़त्म कर दी! अब मेरे पास क्या बचा? अब मैं क्लर्क और PO के एग्जाम देने की सोच रहा हूँ! IAS तो दोबारा नहीं बन पाउँगा, क्लर्क ही सही!”



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