Tuesday, 19th November, 2019

चलते चलते

कंबख़्तो! एक छोटा फिलिप कोटलर अवार्ड मेरे लिए भी खरीद लेते: आडवाणी

21, Jan 2019 By Fake Bank Officer

नयी दिल्ली. जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिलिप कोटलर प्रेसिडेंशल अवार्ड मिलने की खबर आई, भाजपा के वरिष्ठ नेता और मार्गदर्शक मंडल के परमानेंट सदस्य, लालकृष्ण आडवाणी जी की त्यौरियाँ चढ़ गयीं। उन्होंने भाजपा नेतृत्व को धिक्कारते हुए कहा कि जब मोदी के लिए अवार्ड खरीद ही रहे थे तो एक छोटा-मोटा फटा-पुराना मेरे लिए भी खरीद लेते तो क्या हो जाता?

Advani
हाथ मलते रह गए आडवाणी जी

CNN को दिए गए एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने धीरे से कहा- “जब कोटलर साहब स्वयं कहते हैं कि हर चीज़ खरीदी जा सकती है तो भला ये नालायक एक छोटा-मोटा अवार्ड मेरे लिए क्यों नही खरीद पाए? हर बार मुझे ही त्याग करना पड़ता है?”

“पार्टी फंड में जो इतना पैसा आ रहा है वो जाता कहाँ है? अब अगर किसी ने आकर मेरे पैर छुए तो ऐसी लात मारूंगा की सारी जिंदगी टेढ़ा होकर चलेगा!” -आडवाणी जी ने अपने नए जूते दिखाते हुए कहा।

उधर, फिलिप कोटलर ने ट्वीट कर के बताया कि इस अवार्ड से सबसे ज्यादा फायदा तो खुद उनका ही हुआ है। कल तक तो MBA वाले बच्चे भी उनका नाम ठीक से नही जानते थे और आज युवा राहुल गांधी से लेकर बुजुर्ग आडवाणी तक सब उनके बारे मे बातें कर रहे हैं।

वहीँ, आडवाणी जी के यह बागी तेवर देखकर भारतीय जनता पार्टी में किसी को भी हैरानी नही हुई है। अलबत्ता कार्यकर्ताओं का यह मानना है कि अडवाणीजी जी का आये दिन कोई न कोई फरमाइश करना यह बताता है कि उनका स्वास्थ्य एकदम दुरुस्त है। हालांकि विपक्षी दलों ने हमेशा की तरह आडवाणी जी से सहानुभूति दिखाते हुए भाजपा पर बुजुर्गों को भुला देने का आरोप लगाया है।



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