Tuesday, 19th February, 2019

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रोडवेज की बस जलाते ही प्रदर्शनकारी की बवासीर हुई जड़ से ख़त्म, डॉक्टरों ने भी की पुष्टि

03, Jan 2018 By बगुला भगत

पुणे. आप अक्सर सोचते होंगे कि भारत में प्रदर्शनकारी सबसे पहले रोडवेज की बस ही क्यों जलाते हैं? दशकों पुराने इस सवाल का जवाब कल पुणे में मिल गया। जैसे ही कल वहाँ एक प्रदर्शनकारी ने रोडवेज बस में आग लगाई, उसकी बवासीर की बीमारी जड़ से ख़त्म हो गयी। इस चमत्कार से पूरा चिकित्सा जगत हैरान है।

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बस जलाकर बवासीर ठीक करते प्रदर्शनकारी

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ केके अग्रवाल ने फ़ेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए कहा, “हमें अभी तक यक़ीन नहीं हो रहा कि बस जलाने से भी कोई ठीक हो सकता है! लेकिन ये सच है…इट्स रियली…मिरेकल! हम दूसरी बीमारियों के मरीज़ों पर भी ये ‘रोडवेज एक्सपेरिमेंट’ करने की सोच रहे हैं।”

“सरदर्द और माइग्रेन जैसी छोटी-मोटी बीमारियाँ तो टायर जलाने से ही ठीक हो जाती हैं। ये देखिये!” -डॉ अग्रवाल ने कुछ मरीज़ों की रिपोर्ट्स दिखाते हुए कहा।

“अमीर लोग तो महँगे-महँगे अस्पतालों में इलाज करा लेते हैं, लेकिन ग़रीबों के पास तो बस जलाने के अलावा और कोई ऑप्शन ही नहीं है। इसलिये हम सरकार से माँग करते हैं कि जलाने के लिये ज़्यादा से ज़्यादा रोडवेज बसें उपलब्ध कराई जायें।” -उन्होंने आगे कहा।

“अभी तक हम यही मानते थे कि बसों को जलाने वाले लोग गुंडे और अराजक तत्व होते हैं, जिन्हें हिंसा करने के अलावा और कोई काम नहीं होता लेकिन हम बिल्कुल ग़लत थे!” -यह कहकर डॉक्टर साब डॉक्टरों की हड़ताल में ख़ुद भी बस जलाने चले गये।

इस बीच, पता चला है कि सैंकड़ों जाटों और गूजरों की अनेक बीमारियाँ भी रोडवेज बसों को जलाने से ही दूर हुई हैं। रेलवे ट्रैक उखाड़ने से तो एड्स और कैंसर जैसी लाइलाज़ बीमारियों के भी ठीक होने का दावा किया गया है। इस बारे में विस्तृत शोध करने के लिये अमेरिका के डॉक्टरों और वैज्ञानिकों का एक दल आज रात भारत पहुँच रहा है।



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