Thursday, 15th November, 2018

चलते चलते

बादशाह अकबर का स्वर्ग से पत्र: "मैं नहीं हूँ महान!"

30, Jun 2018 By Saquib Salim

हमारे प्यारे हिन्दुस्तानियो,

Akbar
कबूतर के हाथ अपनी चिट्ठी भेजते बादशाह अकबर

वैसे तो जब हम धरती से स्वर्ग में आये थे, तब ये हिंदुस्तान बहुत बड़ा था पर हमारे बाद आने वालों ने बताया है कि तब से अब तक पिछले सत्तर बरसों में तुम लोगों के नेताओं ने इस हिंदुस्तान को तीन टुकड़ों में बाँट लिया है। खैर छोड़िए वो सब बातें! अब जब कभी-कभी बीरबल हमें अखबार पढ़ कर सुनाता है तो हम अल्लाह का शुक्र मनाते हैं कि ये ‘नेता’ नामक जीव हमारे समय में नहीं पाया जाता था।

जब से हमने स्वर्ग में रहना शुरू किया था, तब से कभी आप लोगों से पत्राचार की कोशिश नहीं की लेकिन अब लगता है कि समय आ गया है कि कुछ ग़लतफ़हमियाँ ठीक कर ली जायें। अभी उस दिन जोधाबाई ने अपना सास-बहू वाला टीवी सीरियल हटाकर एक न्यूज़ चैनल लगा दिया। वैसे तो हम कभी न्यूज़ चैनल नहीं देखते क्योंकि हमें ज़्यादा कॉमेडी पसंद नहीं है, इसलिए हम अक्सर कपिल शर्मा का शो ही देख लिया करते हैं।

तो उस न्यूज़ चैनल पर एक बहस चल रही थी। कुछ लोग टीवी पर बैठकर लड़ रहे थे कि बादशाह अकबर, यानी कि हम, महान थे या कि महाराणा प्रताप महान थे। सारे लोग दो गुटों में बँटकर इतना शोर कर रहे थे कि हमें लगा कि हमारे कान के परदे फट जायेंगे।

हमने तभी महाराणा को हॉटलाइन किया और उनसे पूछा कि क्या उन्होंने ये चैनल देखा है? उन्होंने बताया कि वो तो पिछले कई महीनों से दुखी हैं कि उनके संघर्ष को बदनाम किया जा रहा है और अब तो यहाँ तक है कि किसी किताब में लिख दिया गया है कि महाराणा ने अकबर को लड़ाई में हरा दिया था।

इस हॉटलाइन के बाद ही हमने आप सब हिन्दुस्तानियों के नाम ये ख़त लिखने की सोची और बीरबल को बुलाया ताकि वो हमारी बातों को कलम के ज़रिये एक काग़ज़ पर उतार सकें।

मेरे प्यारे हिन्दुस्तानियो! हम क़तई महान बादशाह नहीं थे और ना ही महाराणा महान राजा। वैसे तो हमें कोई हक़ नहीं कि हम महाराणा के बारे में भी ख़ुद ही लिखें लेकिन तब भी।

सब से पहले समझिये कि महान कौन है। महान तो आपके वे नेता नामक जीव हैं, जो हँसते-खेलते लोगों के बीच नफ़रत का बीज बोकर कभी भी दंगे करवा सकते हैं. हम में कभी ये क़ाबलियत नहीं रही कि हम बरसों से साथ रह रहे, साथ त्यौहार मना रहे, साथ सुख-दुःख बाँट रहे लोगों को धर्म के नाम पर लड़ा सकते।

हम महान नहीं हैं क्योंकि हमने या हमारे किसी मंत्री ने घोटाला कर के अपना घर नहीं भरा और ना ही हमने किसी नीरव मोदी या माल्या के हाथों देश को लुटने दिया। सब से बड़ी बात! हम आये दिन चुनावी रैलियाँ कर के उनमें जनता से सच्चे-झूठे वादे भी नहीं करते थे।

और महान होने के लिए जो सबसे ज़रूरी बातें हैं, वे तो हमारे राज में हुई ही नहीं! हमने इमरजेंसी नहीं लगायी, हमारे समय में बहु -बेटियों से आये दिन बलात्कार नहीं होते थे।

कुल मिला कर आपसे गुज़ारिश है कि हमें स्वर्ग में चैन से रहने दीजिये और अपनी इस फ़िजूल की बहस में हम स्वर्गवासियों को मत घसीटिये। हम बहुत छोटे आदमी थे, जो ग़लती से बादशाह बन गये, महान तो आपके नेता हैं, इसलिए उनको ही महान कहिये।

आपके पुरखों का बादशाह,

शहंशाह जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर



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