Sunday, 8th December, 2019

चलते चलते

आधार कार्ड आधारित बायोमेट्रिक डाटा से होगी डेंगू के मच्छरों की पहचान

12, Nov 2019 By चीखता सन्नाटा

नयी दिल्ली. डेंगू के कारण वर्षों से लताड़ सुनती आ रही दिल्ली सरकार ने आखिरकर दिल्ली को डेंगू से छुटकारा दिलाने के लिए क्रांतिकारी कदम उठाया है। ताजा विज्ञप्ति के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने दिल्ली में उपस्थित डेंगू के सभी मच्छरों की शिनाख्त करके उनकी पहचान, आधार कार्ड से जोड़ने का प्लान बनाया है।

Mosquito
इनका भी होगा आधार कार्ड

“हम उन संदिग्ध मच्छरों का डाटाबेस तैयार कर रहे हैं जो हर साल दूसरें राज्यों से दिल्ली में आकर डेंगू फैलाते रहते हैं!” -स्वास्थ्य मंत्री ने हमारे संवाददाता ‘चीखता सन्नाटा’ से एक विशेष वार्तालाप में बताया, “इस कारण से दिल्ली के मच्छरों को बेवजह बदनामी झेलनी पड़ती है, हमारी योजना से ऐसी घटनाओं पर लगाम लगेगी!”

स्वास्थ्य विभाग के एक बड़े अफसर ने बताया कि, “हमारा प्रयास डेंगू के मच्छरों को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने का है, डाटाबेस बनाने के बाद मच्छरों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का सीधा फायदा पहुँच सकेगा! बायोमेट्रिक डाटा से फर्जी मच्छरों को हटाने में मदद मिलेगी!”

“दिल्ली एक सीमा तक डेंगू के मच्छरों को सहूलियत दे सकती है, लेकिन दूसरे राज्यों से आए मच्छरों के कारण दिल्ली में हालात बिगड़ रही है!” दिल्ली के माननीय मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल जी ने चीखता सन्नाटा को बताया, “हम दूसरे राज्यों से अपील करेंगे कि वो अपने मच्छरों को अपने राज्यों में पर्याप्त सुविधाएँ प्रदान करे ताकि उन्हें दिल्ली में आने की जरूरत नहीं हो। हम सभी राज्यों के मच्छरों के बीच शांति चाहते हैं किन्तु यदि हमने अभी कदम नही उठाया तो हालात बिगड़ने में देर नही लगेगी!”

दिल्ली सरकार के इस कदम से राजनैतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी पक्ष के नेताओं ने इसे मासूम मच्छरों को राष्ट्रीय मुख्यधारा से काटने का प्रयास बताया। साथ ही उन्होंने देश भर के मच्छरों को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए प्रेरित किया। वही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली सरकार को इस बारे में कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

मच्छरों की राष्ट्रीय संस्था नेशनल यूनियन फोर रेस्टोरेशन एंड एडवांसमेंट ऑफ डेंगू (NURAD) ने इस बारे में कोई भी टिप्पणी देने से इनकार किया। लेकिन NURAD के कुछ अधिकारीयों ने दबी आवाज में  दिल्ली सरकार के इस फैसले को देश के मच्छरों के अधिकारों का हनन करार दिया है।

“सरकार की मंशा हमें हाशिए पर डालने की है। डेंगू को राष्ट्रीय बीमारी का दर्जा दिलाने के लिए हमने वर्षो संघर्ष किया है| सरकार देश के विकास में हमारे योगदान को भूलाकर हमारे साथ भेदभाव कर रही है| इस फासीवादी योजना के प्रति देश के सभी मच्छरों में असंतोष है!” NMUAD के एक अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया, “हम अपने विकल्प तलाश रहे है और अपने अधिकारों के लिए सरकार के ऐसे किसी भी आदेश को कानूनी रूप से चुनौती देंगे।”

इसी बीच केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को सुरक्षा संबधी एडवाईजरी जारी की है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देने का आग्रह किया है।



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