Tuesday, 31st March, 2020

चलते चलते

पुलिस द्वारा की गयी पानी की बौछार का फायदा उठाकर नहाने पहुँचे JNU छात्र, जुर्माना वसूलने की तैयारी में सरकार

14, Nov 2019 By किल बिल पांडे

नयी दिल्ली. जेएनयू के छात्रों द्वारा दिल्ली में कई दिनों से चला आ रहा प्रदर्शन सरकार के आश्वासन के बाद भी नहीं थम रहा है। बढ़ी हुई फीस को लेकर किये जा रहे इस प्रदर्शन ने उस समय उग्र रूप ले लिया जब जेएनयू कैंपस में दीक्षांत समारोह हो रहा था।

JNU-student
मौके का फायदा उठाते JNU छात्र

प्रदर्शन की उग्रता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुरक्षाबलों को प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का प्रयोग भी करना पड़ा।

खबर है कि इन्हीं बौछारों का फायदा उठाते हुए कई छात्र बाल्टी और साबुन लेकर नहाने दौड़ पड़े थे। बताने वालों ने तो यहाँ तक बताया है कि ‘मल-मल’ कर कुछ छात्र इतना नहाये कि नहाने के बाद एक दूसरे को ही पहचान नहीं सके।

नहाये-धोये, प्रोफेसर जैसे दिखने वाले एक छात्र ने फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया कि, “देखिये, मैं पिछले पाँच साल से हॉस्टल में रह रहा हूँ, इस हॉस्टल में मजाल है कि पानी आ जाये!

हॉस्टल में देने के लिए इनके पास पानी नहीं है पर हम पर फेंकने के लिए है, आखिर पानी था तो हमारे लिए ही ना! ऐसे में अगर हम लोग उसी पानी में नहा आये तो क्या गलत काम कर दिया?” -छात्र ने अपनी गीली थीसिस सुखाते हुए कहा।

वहीं दूसरी ओर सरकार नहाये हुए छात्रों पर जुर्माना लगाने की तैयारी कर रही है। सरकार का तर्क है कि सभी छात्रों ने पानी का गलत इस्तेमाल किया है। नये ‘हॉस्टल मैन्युअल’ के मुताबिक छात्रों को नहाने से पहले वार्डन से अनुमति लेनी होती है, जो किसी ने भी नहीं ली। सरकार के इसी तर्क को आधार बनाकर छात्र अब नये प्रदर्शन की तैयारी में जुट गए हैं।

इस पूरे विवाद से इंजीनियरिंग ब्रांच के छात्र एक बार फिर कोसों दूर पाए गए हैं, उनका कहना है कि हम नहाने से जुड़ी किसी भी बहस में हिस्सा नहीं लेंगे। जानकारों का मानना है कि अगर ये मामला नहाने से संबंधित है तो इंजीनियरिंग के छात्रों पर कोई चाह कर भी आरोप साबित नहीं कर पाएगा।



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