Friday, 22nd November, 2019

चलते चलते

‘मरजावाँ’ और ‘हाउसफुल-4’ ना देख लें दर्शक, इसीलिए लिया अपना बयान वापस: रविशंकर प्रसाद

16, Oct 2019 By किल बिल पांडे

नयी दिल्ली. कहते हैं कि तीर कमान से और बोल ज़बान से, एक बार निकल जाए तो वापस नहीं लिए जा सकते लेकिन देश में चल रही आर्थिक मंदी को बॉक्स ऑफिस की कमाई से जोड़कर नकारने वाले मौजूदा कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस कहावत को गलत साबित कर दिया है।

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बयान वापस लेने के बाद मंत्री जी

इस बयान से इस कदर रायता फैला कि खुद रविशंकर प्रसाद को बयान वापस लेकर गंदगी समेटना पड़ा। आखिर ऐसा क्यों हुआ, फ़ेकिंग न्यूज़ ने इसकी असल वजह का पता लगा लिया है।

सूत्रों के हवाले से खबर है कि बयान को वापस लेने की वजह किरकिरी से बचना नहीं बल्कि देश की जनता को भविष्य में होने वाले टॉर्चर से बचाना था।

नाम ने छापने की शर्त पर मंत्री जी के पी.ए. दामोदर प्रसाद ने बताया कि, “देखिये! जैसे ही मंत्री जी ने कहा कि बॉक्स ऑफिस पर फिल्मों की ज्यादा कमाई करने से मंदी गायब हो जाती है, इसे सुनकर बहुत से देशभक्त समर्थकों ने अर्थव्यवस्था में योगदान देने के लिए आने वाली फिल्मों की एडवांस बुकिंग कर डाली थी!”

यह पता लगते ही शुरुआत में तो मंत्री जी खुश भी बहुत हुए थे लेकिन तभी अचानक उन्हें याद आया कि अगले कुछ हफ़्तों में तो ‘हाउसफुल-4’ और ‘मरजावाँ’ जैसी फ़िल्में सिनेमाघरों में दिखाई जाने वाली हैं!

मंत्री जी पहले ही इनके ट्रेलर देख चुके थे और पूरी फ़िल्म कितनी तबाही मचा सकती है इसका अंदाजा उन्होंने तुरंत लगा लिया! यही वजह है कि उन्होंने आव देखा ना ताव और तुरंत प्रेस-कांफ्रेंस कर अपना बयान वापस ले लिया!बहुत बड़ा हादसा होते-होते टल गया भाईसाब!” -चंपकलाल ने कहा।

इस पूरे प्रकरण में बीजेपी जहाँ रविशंकर प्रसाद की सूझबूझ की तारीफ करते नहीं थक रही है, वहीँ दूसरी ओर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि, “इस बेतुके बयान से जनता को हँसने का मौका मिला था लेकिन बयान वापस लेकर सरकार ने यह मौका भी उनसे छीन लिया! इससे साबित होता है कि यह सरकार किसी को हँसता-खेलता नहीं देख सकती! लोकतंत्र खतरे में है!”



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