Thursday, 27th February, 2020

चलते चलते

कार्रवाई में धीमापन देख JNU के वीसी जगदीश कुमार का हुआ टीम इंडिया में चयन, पुजारा के साथ मध्यक्रम को देंगे मजबूती

08, Jan 2020 By किल बिल पांडे

मुंबई.  कहते हैं कि जमाने के साथ बने रहना है तो तेज चलना सीख जाइये, ताकि उसकी रफ़्तार के साथ कदम मिलाकर चल सकें। लेकिन क्या कभी आपने सुना है कि इस थ्योरी के विरूद्ध जाकर कोई ‘धीमा’ काम करे और किस्मत उसके लिए सफलता के दरवाजे खोल दे।

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चार नंबर बल्लेबाज मिल गया!

कुछ ऐसा ही हुआ है, जेएनयू के कुलपति प्रो. एम. जगदीश कुमार के साथ। जेएनयू कैंपस में 5 जनवरी को हुए हिंसा के तीन दन बाद पहली बार सामने आकर कुलपति महोदय ने सबको चौंका दिया। आखिर घटना से लेकर अब तक वो क्यों नहीं बोले? सबके मन में यही सवाल है।

लेकिन वीसी के इसी सुस्त रवैये और कार्रवाई के धीमेपन ने, उनके लिए भारतीय टेस्ट टीम में सलेक्शन के दरवाजे खोल दिए हैं। BCCI ने मुंबई में देर रात प्रेस-कांफ्रेंस कर इसकी जानकारी दी है।

बीसीसीआई के सिलेक्टर गगन खोड़ा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि, “जगदीश जी पर हमारी काफी समय से नजर थी,  उनका ‘धीमापन’ मन को मोहित करने वाला है, दिल में उतर जाने वाला है, हमें भी एक ऐसे ही बंदे की आवश्यकता है!

“हालाँकि इस साल टी-20 वर्ल्डकप भी होना है, फिर भी टेस्ट फॉर्मेट को ठंडे बस्ते में नहीं डालना चाहिए, टेस्ट टीम को मजबूत बनाना भी हमारा दायित्व है, पिछले कुछ समय से टेस्ट टीम में नंबर-चार और ‘पाँच’ की पोजीशन के लिए काफी खिलाड़ियों को मौका दिया गया, लेकिन एक भी प्लेयर इस जगह में फिट नहीं बैठ पाया!

पुजारा अकेला ही एक छोर पर खड़ा रहता है बेचारा! हमें उसके जैसा कोई ऐसा बंदा चाहिए जो धीमा खेले और विरोधियों को पका डाले! जगदीश जी कि कार्यशैली देख कर तो जैसे हमारी लॉटरी ही लग गयी..यही वजह है कि मेरे सारे साथियों ने निर्विरोध उनके नाम पर मोहर लगा दी!” -गगन ने अपने ख़ुशी के आंसू पोंछते हुए कहा।

इस पूरे मामले पर फ़ेकिंग न्यूज ने वीसी से पूरे मामले पर प्रतिक्रिया लेनी चाही, तो उन्होंने उम्मीद के मुताबिक एक हफ्ते बाद प्रतिक्रिया देने की बात कह कर फोन काट दिया।



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