Thursday, 25th April, 2019

चलते चलते

ठेके वाले के पास उधारी ज्यादा हो गई थी, इसलिए छोड़नी पड़ी दारू: भगवंत मान

21, Jan 2019 By Ritesh Sinha

संगरूर. पंजाब से आप पार्टी के सांसद भगवंत मान ने दारू छोड़ने का मन बना लिया है, उन्होंने भरी सभा में ऐलान किया है कि अब वो दारू को हाथ भी नहीं लगाएँगे! भगवंत की प्रतिज्ञा से उनकी पार्टी के नेतागण फूले नहीं समा रहे हैं, पार्टी अध्यक्ष केजरीवाल ने कहा है कि “उसने मेरा दिल जीत लिया!”

Bhagwant2
दारूबन्दी की घोषणा करते मान

हालाँकि दारू छोड़ने वाले वादों पर यकीन ना करने के सैकड़ों कारण होते हैं, इसलिए हमने भी भगवंत से विशेष बातचीत की और इस ह्रदय परिवर्तन का कारण पूछा। मान साब ने जो कारण हमें बताए वो चौंकाने वाले हैं।

“अच्छा किया जो आपने दारू छोड़ दी, ये अचानक कैसे हुआ?” -ऐसा पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि, “नहीं-नहीं, आप गलत समझ रहे हैं, मैंने दारू इसलिए नहीं छोड़ी कि इससे लीवर खराब होता है, बल्कि इसलिए छोड़ी कि ठेके में ‘उधारी’ बहुत ज्यादा हो गई थी!”

“साले जसप्रीत (ठेका मालिक) ने कल मेरे मुँह पर कह दिया कि ‘सांसद महोदय! आज से मैं क्रेडिट नहीं दे पाउँगा, पहले एक लाख पचहत्तर हज़ार रुपये जमा करवाइये तब बोतल खुलेगी! आप सांसद हैं इसलिए दे देता हूँ वरना हमारे धंधे में उधारी का कोई कांसेप्ट नहीं है!”

“यह सुनकर मुझे बहुत गुस्सा आया! मैं एक दूसरे ठेके पर चला गया, वहाँ भी कुलविंदर ने उधारी  देने से साफ़ इनकार कर दिया! मरता क्या ना करता, मज़बूरी में दारू छोड़नी पड़ी!” -मान ने आगे बताया।

“खैर, कोई बात नहीं! केजरीवाल जी ने मुझे पंजाब जीतने पर ‘आबकारी’ विभाग का मंत्री बनाने का वादा किया है! जिस दिन मैं मंत्री बनूँगा उसी दिन जसप्रीत और कुलविंदर का लाइसेंस कैंसल! साला, मुझे उधारी देने से मना कर दिया! ‘मान’ को ‘मना’ अच्छा नहीं लगता!” -कहते हुए उनके कदम डगमगाने लगे।

भगवंत मान का चेहरा देखकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस इंसान का चखना वाले के पास भी कम से कम दस हज़ार की उधारी तो अवश्य होगी!



ऐसी अन्य ख़बरें