चलते चलते

इंडिया में आये कोरोना वायरस को हुआ डिप्रेशन, ढूँढ रहा एक सस्ता मनोवैज्ञानिक

22, Mar 2020 By jd

नयी दिल्ली. पिछले चार महीने से ‘कोरोना’ वायरस ने पूरी दुनिया को दहला रखा है, भारत में भी इस वायरस ने अपनी दस्तक दे दी है। हालाँकि यहाँ मिले सभी केस विदेश से आये लोगों के ही हैं। कोरोना भारत मे अपनी पकड़ बनाने मे थोड़ा ना-कामयाब सा रहा है, सूत्रों की मानें तो कोरोना के सदस्य जो भारत आए थे, उनको डिप्रेशन हो चुका है।

virus
डिप्रेशन में कोरोना!

कुछ वायरस तो अपने आपको सैटल करने के लिए जूझ रहे हैं, अब उसे भी पता चल गया होगा कि सिंगल बंदे के लिए इंडिया में किराये का घर खोजना कितना मुश्किल कार्य है।

कोरोना की तरफ से आये बयान के हिसाब से वो यहाँ आकर बिल्कुल राहुल गाँधी की तरह फील कर रहा है, कोई उनको सीरियसली लेता ही नहीं, मजाक बनकर रह गया है इटली को हिला देने वाला वायरस!

जो लौंडे 11 वीं कक्षा की बायोलोजी पेपर मे फ़ैल हो गये थे वे भी थोक के भाव ‘मीम’ बनाकर इलाके में अपनी इज्जत बढ़ा रहे हैं। रही-सही कसर व्हाट्सएप पर आंटी समुदाय ने मचा रखी है, लौंग, इलायची और कपूर की सहायता से कोरोना की टांग तोड़ी जा रही है।

कुछ-कुछ गाँवों में तो लोग दस रुपये की ताबीज बना कर दे रहे हैं, इससे ज्यादा खौफ तो डेंगू, मलेरिया का है, साले मच्छरों ने अच्छे-भले वायरस को चुन्नू प्रसाद बनाकर रख दिया है।

यह बातें चल ही रही थीं कि छोटा कोरोना अपनी मम्मी के पास जाकर रोने लगा कि ‘मम्मी चाइना वापस जाना है, ये बोलते तो थे ‘अतिथि देवो भव’ पर अब हमारा मजाक बना रहे हैं!” बच्चे का दर्द देखकर मम्मी कोरोना बोली- “सो जा बेटा, नहीं तो देसी नुस्खे वाली आंटी का मैसेज आ जाएगा।



ऐसी अन्य ख़बरें