Tuesday, 20th August, 2019

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गुना: निर्दलीय उम्मीदवार के परिवार में हैं 16 सदस्य, फिर भी हाथ आये सिर्फ 13 वोट

29, May 2019 By Guest Patrakar

गुना. 23 मई को जहाँ एक तरफ़ भाजपा और उसके समर्थक जश्न मना रहे थे, वहीं दूसरी ओर विपक्ष और उसके समर्थक काफ़ी निराश और दुखी थे। लेकिन उनका दुःख उस निर्दलीय उम्मीदवार के सामने कुछ भी नही है जिसके परिवार में 16 सदस्य हैं फिर भी उसे केवल 13 लोगों का वोट हासिल हुआ है।

leader crying
चुनाव हारने के बाद नेताजी का हाल

घटना मध्यप्रदेश के गुना लोकसभा क्षेत्र की है, जहाँ निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष सिंह भागले को कुल मिलाकर तेरह वोट मिले जबकि उनका ख़ुद का कुनबा इससे बड़ा है।

हमने दुःख और क्रोध में डूबे सुभाष सिंह से बात की। उन्होंने बताया कि, “जब मेरे अपनों ने ही मुझे धोखा दे दिया तो किसी और से क्या उम्मीद करना? मैंने सोचा था मैं ज्योतिरादित्य सिंधिया को कड़ी टक्कर दूँगा, कैम्पेनिंग में खूब मेहनत भी की थी लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा! घरवालों ने ही विश्वासघात कर दिया!”

“मैं हार गया इसका मुझे उतना दुःख नहीं है, मेरे परिवार के सदस्यों ने मुझे वोट नहीं दिया इसका ज़्यादा दुःख है! मैं चुनाव के नतीजों के बाद घर नहीं गया हूँ और ना ही जाऊँगा!” -भागले जी ने आगे बताया।

हालाँकि उनके परिवार के एक सदस्य ‘संजय’ ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि, “उनसे तो हम बहुत परेशान रहते हैं, वो एक नंबर के आलसी व्यक्ति हैं, हमें लगा जब वो घर में ख़ुद का काम नहीं करते तो जनता का काम क्या करेंगे? इसलिए हमने उन्हें वोट देने की बजाय के.पी. यादव को वोट दे दिया और वो जीत भी गए!

हमें लगा था कि उन्हें सौ-दो सौ वोट तो मिल ही जाएँगे लेकिन वो तो तेरह में ही अटक गये और हम पकडे गये!” -संजय ने आगे बताया।

वैसे कई ‘परिवारों’ के गुना में अच्छे दिन नहीं चल रहे हैं, तभी तो गुना को अपना गढ़ बताने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया भी भारी मतों से हार गए हैं।



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