Saturday, 22nd September, 2018

चलते चलते

'धड़क' और 'सैराट' को लेकर राजस्थानियों और मराठियों में मुठभेड़

23, Jul 2018 By Guest Patrakar

मुंबई. मराठी सिनेमा की मशहूर सुपरहिट फ़िल्म सैराट की रीमेक ‘धड़क’ इस शुक्रवार रिलीज़ हो गयी। अभी ये तो पता नहीं कि बॉक्स ऑफ़िस पर ये क्या गुल खिलाएगी, लेकिन इसकी वजह से मराठियों और राजस्थानियो में सर-फुटौव्वल की नौबत आ गयी है। दोनों गुटों में हुई झड़प ने कल हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा।

Sairat protest
मुंबई में सैराट के समर्थक सड़कों पर

दरअसल, ‘सैराट’ की कहानी महाराष्ट्र के एक गाँव के लड़का-लड़की के प्यार की है, वहीं उसकी रीमेक ‘धड़क’ में प्रेमी जोड़ा राजस्थान का है। ऐसे में धड़क के बुरे रिव्यूज़ के बाद मराठी गुट ने धड़क का जमकर मज़ाक़ उड़ाया। कई मराठी लोगों ने तो धड़क के सिनेमाघर में घुसकर लोगों को सैराट दिखा दी। जिस कारण राजस्थान-महाराष्ट्र बॉर्डर पर जमकर हिंसा फैली।

हमने मामले की और जानकारी के लिए राजस्थान पुलिस के SSP रमेश सिंह बिशनोई से बात की। उन्होंने हमें बताया, “दरअसल, नागराज मंजुले द्वारा सैराट के राइट्स बेचे जाने पर ही महाराष्ट्र के लोग नाराज़ थे, फिर करण जौहर द्वारा कहानी को माडर्न ट्विस्ट देने के बाद लोगों की नाराज़गी और बढ़ गयी। लेकिन यह ग़ुस्सा तब सातवें आसमान पर पहुँच गया जब करण ने यह फ़िल्म महाराष्ट्र में नहीं बल्कि राजस्थान में शूट करने का फ़ैसला किया। मराठी लोगों ने ना केवल धड़क देखने गए लोगों को सैराट दिखायी बल्कि इंटरवल में मिसल पाव भी खिलाया। जिसका पता लगते ही राजस्थानी गुट ने मराठी दल पर हमला बोल दिया और उन्हें पीट-पीटकर गाँव के बाहर निकाला। हमने हिंसा के आरोप में क़रीब 20 लोगों की गिरफ़्तार किया है और मामले की पूरी छानबीन होने तक उन्हें लॉक अप में ही रखने का फ़ैसला किया है”

हालाँकि करण जौहर की परेशानी केवल मराठी और राजस्थानी विवाद तक ही नहीं रुकी। धड़क देखने के बाद कई लोग ऐसे भी थे, जो कि करण से टिकट के पैसे वापस माँगने के लिए उनके घर के नीचे खड़े हो गए। इसके अलावा सैराट के दीवानों ने भी करण जौहर से इस ग़लती के लिए माफ़ी माँगने को कहा। उनके घर के नीचे भीड़ इतनी बढ़ गयी कि वहाँ पुलिस तैनात करनी पड़ी।

फिलहाल तो राजस्थान बनाम महाराष्ट्र की इस लड़ाई पर क़ाबू पा लिया गया है लेकिन इस घटना ने हमारे सामने कुछ सवाल खड़े कर दिये हैं। जिनमें सबसे बड़ा सवाल यही है कि बॉलीवुड वाले दूसरी भाषाओं की सुपरहिट फ़िल्मों का घटिया रीमेक बनाना कब बंद करेंगे?



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