Tuesday, 20th August, 2019

चलते चलते

गेम ऑफ थ्रोन्स सुझाने वालों को तबियत से खर्चा-पानी दे रहे लोग, बढ़ी सुरक्षा की मांग

22, May 2019 By किल बिल पांडे

ब्यूरो. गेम ऑफ थ्रोन्स का भले ही अपने आठवें सीज़न के साथ अंत हो गया हो, पर इससे जुड़े विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं। विवाद के साथ-साथ अब इस शो के साइड इफेक्ट्स भी खूब सुर्खियाँ बटोर रहे हैं।

सुशांत को पीटते उसके दोस्त
पंकज को कूटते उसके दोस्त

शो के डाई-हार्ड फैन्स एक ओर जहाँ इस निराशाजनक सीजन के बाद सदमे में हैं, वहीँ दूसरी ओर उनको अपनी जान की फ़िक्र भी सताने लगी है। खबर है कि इन्हीं फैन्स को वो सभी लोग पकड़-पकड़ कर धो रहे हैं जिनको कभी इन्होंने गेम ऑफ थ्रोन्स देखने की नेक सलाह दी थी।

आखिरी एपिसोड के प्रसारण के बाद से ही देशभर से ऐसे फैन्स को पीटे जाने की सूचनाएँ लगातार मिल रही हैं। लोगों के गुस्से का आलम ये है कि गर्मी की परवाह किये बिना पूरी शिद्दत से अपने आस-पास ऐसे लोगों की तलाश कर रहे है जिन्होंने उन्हें गेम ऑफ थ्रोन्स सुझाया था।

मोदीनगर के एक ऐसे ही भड़के हुए दर्शक प्रशांत ने फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया कि, “मैंने ये शो अपने दोस्त पंकज के जिद करने पर ही देखा था! वो मान ही नही रहा था, तारीफ़ कर-करके मेरा सर खा लिया था कमबख्त ने! ऊपर से सारे क्लासमेट भी देख रहे थे, मैं प्रेशर में आ गया कि कहीं ज़माने से पीछे ना रह जाऊँ!” -प्रशांत ने शिकंजी गटकते हुए कहा।

प्रशांत ने आगे बताया कि, “इस चक्कर में रात-रात भर जागकर सारे सीज़न देख डाले। इसके चलते दो सेमेस्टर फेल भी हुआ, पर सोचा कि लास्ट सीज़न में सब बढ़िया होगा! पर हुआ पूरा उलट। इससे अच्छा तो मैं ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ देख लेता! ये $#@% पंकज मिल जाए एक बार बस!”

बढ़ती हिंसक घटनाओं के चलते, पंकज जैसे सभी फैन्स ने प्रशासन से अपनी सुरक्षा की गुहार लगानी शुरू कर दी है।



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