Friday, 23rd August, 2019

चलते चलते

सार्वजानिक स्थानों में 'बिग-बॉस' डिस्कस करने पर हो सकती है दो साल की क़ैद: सुप्रीम कोर्ट

20, Dec 2018 By Guest Patrakar

नयी दिल्ली. अगर आप मेट्रो, लोकल या अन्य किसी पब्लिक प्लेस में अपने दोस्तों के साथ बिग-बॉस डिस्कस करते हैं तो कृपया आज ही ऐसा करना छोड़ दीजिए। सुप्रीम कोर्ट के नये आदेश के बाद अगर आप ऐसा करते पकड़े गए तो आपको कम से कम दो साल की सज़ा हो सकती है, बीस हज़ार का जुर्माना लगेगा सो अलग।

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बात भी नहीं करना है!

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट को यह फ़ैसला तब सुनाना पड़ा जब उसके पास एक नहीं बल्कि पचास से भी ज़्यादा शिकायतें हर रोज़ आने लगीं। सार्वजानिक स्थानों में बिग बॉस की कहानी सुनकर कभी किसी बंदे को माईग्रेन की दिक्कत होने लगी तो किसी को दूसरे के मोबाइल में बिग बॉस देखने की वजह से ‘मोतियाबिंद’ हो गया।

हद तो तब हो गयी जब दो लोगों की बिग बॉस वाली बातें सुन रहे एक शख्स के कानो में से ख़ून निकलने लगा और वो हमेशा के लिए बहरा हो गया। बस, तभी सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला कर लिया कि पब्लिक प्लेस में बिग बॉस के बारे में बात करना क़ानूनन जुर्म है।

अगर आपको याद हो तो बिग बॉस के पिछले सीजन में भी इंटरपोल ने भारत को चेतावनी दी थी कि कुछ आतंकवादी, दिल्ली, मुंबई और अन्य बड़े शहरो में बिग बॉस के एपिसोड दिखाकर बड़े पैमाने में लोगों की जान ले सकते हैं। आतंकवादियों ने ऐसा ही प्रयोग ढ़िंचक पूजा के सेल्फ़ी गाने पर भी किया था।

हालाँकि दोनों ही बार उन्हें मुँह की खानी पड़ी थी, जब सुरक्षा एजेंसियों ने किशोर कुमार और मोहम्मद रफ़ी के गाने सुनने की एडवायजरी जारी कर दी और आतंकियों के मंसूबों पर पानी फिर गया। बिग-बॉस का फिनाले जनवरी में होने वाला है, ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या देश की भोली-भाली जनता इसे तब तक सहन कर पाएगी या नहीं?



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