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“मिर्ज़ापुर का सीजन-2 कब आयेगा?” -जैसे सवालों से स्टूडेंट्स को भटकाने के लिए लाया गया CAA: रिपोर्ट

28, Feb 2020 By bharatmohta

नयी दिल्ली. नागरिकता संसोधन कानून के खिलाफ काफी दिन से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बारे में एक आश्चर्यजनक सच सामने आया है, न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट की मानें तो सरकार ने इस बिल को सिर्फ इसलिए पास करवाया है ताकि स्टूडेंट्स का ध्यान ‘मिर्जापुर’ के सीजन-2 से भटकाया जा सके। देश भर के युवा ये कठिन सवाल पूछना बंद कर दें कि आखिर ‘मिर्जापुर’ का सीजन-2 अब तक क्यों नहीं आया है?

Mirzapur
तुम कब आओगे?

माना जा रहा है कि इस साजिश में अमेज़न प्राइम और नेटफ्लिक्स जैसे दिग्गज शामिल हैं। सन् 2019 में प्रसिद्द हुए ‘कलीन भैया’ और ‘गुड्डू’ का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है, वे अब कहाँ हैं? शूटिंग कर भी रहे हैं या नहीं? दूसरा सीजन कब रिलीज होगा?” -जैसे सवाल हवा में तैर रहे हैं पर कोई जवाब देने वाला नहीं है।

जब से ये CAA का चोचला शुरू हुआ है, सब इसी में व्यस्त हो गए हैं, कलीन भैया अब कहीं पीछे छूट चुके हैं!

अमेज़न के सीईओ, जेफ बेजोस जब भारत दौरे पर आये थे तो JNU के छात्रों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए “सीजन-2 कब आएगा?” के नारे भी लगाये थे पर उन्होंने भी इस ज्वलंत मुद्दे को अनसुना कर दिया।

नारेबाजी की इस घटना के बाद बेज़ोस ने नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए ट्वीट किया कि, ‘देश में भय का माहौल है, छात्रों का ध्यान मिर्ज़ापुर से हटाना ही पड़ेगा, कुछ कीजिये!”

‘अतिथि देवो भव:’ पर विश्वास रखने वाले मोदीजी ने तुरंत अमित शाह को आदेश दिया कि, “देखिये! छात्रों को कहाँ उलझाया जा सकता है, उलझा दीजिये! वरना ये लोग सीजन-2 की मांग को लेकर ‘बेजोस’ का माथा खाते रहेंगे!’

प्रधानमंत्री का आदेश मिलते ही शाह ने संसद के अगले सत्र में CAB बिल पेश कर दिया और पास भी करवा लिया। गौरतलब है कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ ‘मीडिया’ भी इस मुद्दे को दबाने की कोशिश कर रहा है।



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